चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार की हिदायतों के बाद जो क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान तैयार किया है उसमें कहा गया है कि चंडीगढ़ में आने वाले ट्राईम में ट्रेफिक को संभालने के लिए बसों चलाने से ही गुजारा नहीं हो पाएगा। बल्कि इसके लिए बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और मेट्रो रेल बहुत जरूरी होगी। प्रशासन के एनवायरमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से तैयार किए गए क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान को अब मिनिस्टरी ऑफ एनवायरमेंट एंड फॉरेस्ट के पास अप्रूवल के लिए भेजा गया है।
इसमें वर्ष 2015 तक की ट्रांसपोर्ट को लेकर जरूरतों के बारे में भी बताया गया है। एक्शन प्लान में कहा गया है कि मेट्रो रेल सिस्टम 57.7 किलोमीटर के लिए जरूरी होगा जिसके साथ ट्रेफिक को संभालने के लिए 145 किलोमीटर के लिए बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम अपनाना होगा।
इसके अलावा 8 बस डिपो चाहिए, 836 बस शैल्टर, 7 बस टर्मिनल्स, 2570 लो फ्लोर बसें चाहिए होंगी। इसके साथ ही गाड़ियों की पार्किंग के लिए 7500 कार पार्किंग एरिया चाहिए, साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए 328 किलोमीटर के रास्ते बनाने पड़ेंगे, 14 ग्रेड सेपरेटर रोड, 2 इंटरसेक्शन इंप्रूवमेंट, 2 रेल ओर ब्रिज, 10.09 किलोमीटर के रोड लिंक की जरूरत वर्ष 2050 तक पड़ेगी।