चंडीगढ़। ग्लोबल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के चेयरपर्सन एडवोकेट अरविंद ठाकुर ने सोमवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशंस जज अंशु शुक्ला की अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका पर बहस के बाद बुधवार को जिला अदालत ने ठाकुर को अग्रिम जमानत दे दी। ठाकुर की ओर से एडवोकेट तरमिंदर सिंह और एडवोकेट एनके नंदा ने याचिका दायर की थी। ठाकुर ने यह याचिका नारायणगढ़ की महिला की ओर से अदालत में दायर शिकायत देने पर दायर की है।
महिला ने प्राइवेट शिकायत पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने अरविंद ठाकुर को 16 दिसंबर के लिए समन जारी किए थे। जबकि ठाकुर ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अंशु शुक्ला की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी। उक्त महिला ने ठाकुर के खिलाफ दुष्कर्म और उसे धमकाए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दायर की है।
जबकि ठाकुर ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में कहा है कि इस केस में कोई भी मेडिकल साक्ष्य नहीं है। ठाकुर ने यह भी कहा है कि पहले उक्त महिला मुझे अपना हस्बैंड बताती रही उसके बाद मेरे खिलाफ रेप का केस दर्ज करवा दिया। जबकि महिला का आरोप है कि ठाकुर ने खुद को अविवाहिता बताते हुए महिला को झांसे में रखते हुए उसके साथ संबंध बनाए। जबकि बैंक खातों में उसे खुद की पत्नी भी बताया है। ठाकुर ने दायर अर्जी में सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ठाकुर का कहना है कि एक लॉबी उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है।
ठाकुर के वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि महिला जब पहले से शादी शुदा थी तो उसने अरविंदर ठाकुर से पहले पति को तलाक दिए बिना दूसरी शादी कैसी रचा ली। इसके अलावा उसके बयान विरोधाभासी रहे। जिसके चलते अदालत ने ठाकुर को अग्रिम जमानत दी।