चंडीगढ़। सेंसर बोर्ड ने डेरा सच्चा सौदा की फिल्म को नए सिरे सर्टिफिकेट जारी किया है। जिसमें फिल्म को अब नाम द मैसेंजर नाम दिया गया है। अब फिल्म परदे पर 13 फरवरी को रिलीज की जाएगी।
फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉड (एमएसजी) का नाम बदले जाने के बाद रिलीज का रास्ता साफ होने के बाद भले ही राम रहीम ने इसे 13 फरवरी को रिलीज करने का एलान कर दिया है, लेकिन फिल्म के रिलीज होते ही हरियाणा में सिख संगठनों और डेरा समर्थकों के बीच विवाद गहरा सकता है।
बैठक में आज भी हुआ एमएसजी का विरोध
सिख संगठन फिल्म को रिलीज न करने को लेकर पहले ही एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को हाल ही में ज्ञापन भेज चुके हैं। हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधन कमेटी की चंडीगढ़ में हुई बैठक में फिल्म का नाम बदलने के बाद भी विरोध जारी रखने का निणर्य लिया है।
फिल्म रिलीज हुई तो सिख संगठन उतरेंगे सड़कों पर:झींडा
हाईकोर्ट से आदेश जारी होने के तुरंत बाद सिख संगठन फिल्म के रिलीज के विरोध में आ गए हैं। सिखों के विरोध को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। डेरा कार सेवा के पास प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर रखी है। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा है कि भले ही फिल्म का नाम बदल दिया हो, यदि सरकार ने इस विवादित फिल्म पर रोक न लगाई जो मजबूरन समूची सिख संगत को सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इसकी सारी जिम्मेवारी जिला प्रशासन एवं सरकार की होगी।
बाबा पर लगे हैं गंभीर आरोप
हरियाणा सिख परिवार के प्रदेशाध्यक्ष कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि जिस व्यक्ति पर बलात्कार, हत्या, शोषण, नपुंसक बनाने के आरोप अदालत विचाराधीन हों, वह व्यक्ति भला परमात्मा का दूत कैसे हो सकता है। यदि ये फिल्म रिलीज होती है तो मानवीयता पर इसका गलत संदेश जाएगा।