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6 फरवरी को फ्लाईओवर पर पजेरो-कार की रेस में हार गई एक और जिंदगी

6 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. जीरकपुर . फ्लाईओवर पर मौत की रेस में एक और परिवार उजड़ गया। 6 फरवरी को पजेरो और आई20 की रेस के बाद हुए हादसे में ऑटो ड्राइवर अमित बुरी तरह से जख्मी हो गया था। पूरे शरीर पर कई फैक्चर और हेड इंजरी के बाद रविवार रात करीब पौने 12 उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अमित कुमार (34) की मौत के बाद उसकी पत्नी नीतू (26) और तीन महीने की बेटी दीती का सहारा भी छिन गया। अब नीतू के आगे बेटी की परवरिश और खुद दो वक्त की रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। नीतू ने कहा कि रेस लगाकर एक्सीडेंट करने वालों का तो कसूर था पर मेरे पति का क्या कसूर था। वे तो बेकसूर मारे गए। अब मैं बेटी की परवरिश कैसे करूंगी।
यहां लोहगढ़ में किराए के मकान में कैसे गुजारा करूंगी। ऑटो भी लोन पर ले रखा है। अमित यहां वीआईपी रोड पर ऑटो स्टेंड से सवारियां उठाता था। उस दिन सुबह 9 बजे रोज की तरह गया। नीतू ने बताया कि हादसे के बाद उनके शरीर के किसी अंग में हलचल नहीं थी। बोल पा रहे थे पर उनको यह याद नहीं था कि हादसा कैसे हुआ।

नीतू को आरोपी और अस्पताल दोनों पर गुस्सा

मेरे पति का कोई कसूर नहीं था, फिर भी उनको जान गंवानी पड़ी। उन रईसजादों की रेस में उनकी जान चली गई। पता चला वह बच्चे थे। खैर उनके रईस मां बाप भी उन जैसे ही हैं। मेरे पति का हाल भी पूछने नहीं आए। अस्पताल वालों ने भी नहीं बताया कि अमित चले जाएंगे, बस कहते रहे इलाज करेंगे। दो महीनों में ठीक होंगे। अगर उनकी जान जा सकती थी तो उन्हें पीजीआई भेज देते। हमारे पास तो पैसे भी नहीं थे इलाज के लिए, अगर पैसे होते तो गलती करने वालों की तरह हम भी आज प्राइवेट अस्पताल में अमित का इलाज करवाते। शायद वह बच जाते। बच्चे को तो मैं कुछ नहीं कहूंगी, चूंकि गलती तो उनके मां-बाप की है। उन्हें गाडिय़ां जो थमा दी। - नीतू, अमित की पत्नी

इधर, बेटे को बचाने के लिए मां खुद पर ले रही आरोप

इस हादसे में पजेरो कार सवार मनकीरत के साथ आई-20 कार में रेस लगाने वाला समरजीत सिंह मोहाली के मैक्स हॉस्पिटल में अपना इलाज कर रहा है। हालांकि, उसकी मां का दावा है कि उस समय वह गाड़ी चला रही थी। जीरकपुर पुलिस ने अब तक मां बेटे के बयान दर्ज नहीं किए इससे साफ लगता है कि पुलिस उनको बचाना चाहती है। समरजीत अगर गाड़ी नहीं चला रहा था तो क्या उसकी मां रेस लगा रही थी। उसे चोट क्यों नहीं आई। वे पुलिस के सामने भी खुलकर नहीं आ रहे हैं या पुलिस उनका बचाव कर रही है।
आगे की स्लाइड में तस्वीरों में देखिए कितना भीषण था ये हादसा...