चंडीगढ़। न्यूरोप्लास्टी सिटी का सब्जेक्ट हमारे देश में नया है, लेकिन विदेशों में इस पर काम तेजी से हो रहा है। दिमाग के जरिए ही इलाज। विल पावर से। आई सीएसएसआर नॉर्थ वेस्टर्न रीजनल सेंटर पंजाब यूनिवर्सिटी में ये जानकारी दी येल यूनिवर्सिटी में फुलब्राइट फैलो और गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) के पूर्व हैड प्रो बीएन चाकू का।
वह न्यूरो साइंस, न्यूरोप्लास्टिसिटी एंड कल्चर पर अपने विचार रख रहे थे। लेक्चर की अध्यक्षता की साइकोलॉजी के प्रोफेसर एमराइटिस प्रो जितेंद्र मोहन ने जबकि विशेष अतिथि रहे वीसी प्रो अरुण ग्रोवर।
प्रो चाकू ने कहा कि योग या मेडिटेशन से औरा की पावर बढ़ाना पॉसिबल है। ऑबसेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) के लिए हमारे देश में अब भी दवाएं दी जा रही हैं जबकि इसके लिए विदेशों में न्यूरोप्लास्टिसिटी का उपयोग हो रहा है।