मोहाली। आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में दो अकाली नेताओं सुच्चा सिंह लंगाह और अमरीक सिंह को अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई है। सुच्चा प्रकाश सिंह बादल की अकाली सरकार में लोकनिर्माण मंत्री भी रह चुके हैं।
जुर्माने की राशि ब्लैक मनी नहीं, व्हाइट मनी होनी चाहिए...
यह केस 13 साल पुराना है। कोर्ट ने लंगाह की 12.17 करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही जब्त कर ली थी। यह प्रॉपर्टी सुच्चा सिंह ने पत्नी, बेटे-बेटियों के नाम की थी। लंगाह सजा सुनते ही वकील से पैसों के इंतजाम के लिए बात करने लगे। तभी एडीजे दिलबाग सिंह जोहल ने कहा कि जुर्माने की राशि ब्लैक मनी नहीं, व्हाइट मनी होनी चाहिए। इसके बाद मोहाली के एक नामी बिल्डर ने लंगाह की जमानत के लिए पैसे भिजवाए।
चार घंटे में पहुंचे पैसे, आधा घंटा लगा नोट गिनने में
1.10 करोड़ की राशि गिनने के लिए पुलिस को मशीन मंगवानी पड़ी। इसके बाद नोट गिनने में आधा घंटा लगा। पुलिस कस्टडी में रुपयों को फेज-7 स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में जाकर सरकारी खजाने में जमा कराया गया।
आठ लोगों पर केस चल रहा था...
सजा के साथ सुच्चा सिंह को एक करोड़ 10 लाख का जुर्माना भी अदा करना होगा। वहीं, कोर्ट ने अमरीक सिंह को भी 1 लाख दस हजार रूपए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। इस मामले में आठ लोगों पर केस चल रहा था। अदालत ने इनमें से छह आरोपियों को बरी कर दिया है। राज्य में अमरिंदर सिंह की कांग्रेसी सरकार के दौरान 2013 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सुच्चा सिंह व अन्य आरोपियों के घरों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापा मारा था। इसके बाद, सुच्चा सिंह लंगाह और अमरीक सिंह सहित आठ लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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