चंडीगढ़। फिल्म नानक शाह फकीर के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है। सरकार की तरफ से समय दिए जाने की मांग पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
गुरुओं के जीवित स्वरूप को दिखाना है प्रतिबंधित........................
-लुधियाना निवासी सतपाल सिंह की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि फिल्म सिखों की भावनाओं को आहत करने वाली है।
-सिख धर्म के अनुसार मूर्ति पूजा और गुरुओं के जीवित स्वरूप को दिखाना धर्म के अनुसार प्रतिबंधित है।
-बावजूद इसके इस फिल्म में गुरू नानक देव का जीवित स्वरूप प्रदर्शित किया गया है जो सही नहीं है। इस प्रकार फिल्म में उनको दिखाना सीधे तौर पर सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करना है।
-याचिका में कहा गया कि भारत का संविधान नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को अपराध की श्रेणी में रखता है।
-इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक की धार्मिक भावनाओं को संरक्षित करने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।
-एसजीपीसी की तरफ से भी फिल्म पर बैन लगाने की मांग की जा चुकी है।