चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन इंडस्ट्रीयल एरिया के व्यापारियों को राहत दे सकता है। कंसेंट के लिए अप्लाई करने वाली यूनिट्स से बैक डेट से फीस वसूलने की कंडीशन को चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (सी.पी.सी.सी.) की आगामी मीटिंग में हटाया जा सकता है।
ग्रीन कैटेगरी की यूनिट्स भी शामिल.......
-इस बारे में चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्देश में कहा गया है कि बैक डेट से जो फीस यूनिट्स से वसूल की जा रही वसूल किए जाने का प्रावधान रखा गया है उस पर पुनर्विचार किया जाए।
-दरअसल कंसेंट हासिल करने के लिए यूनिट्स को पहले बैंक गारंटी देनी होती है फिर एफिडेविट जमा करवाना होता है इसके बाद कंसेंट के लिए अप्लाई करना होता है। लेकिन इसमें ओरेंज और रेड के साथ-साथ ग्रीन कैटेगरी की यूनिट्स को भी शामिल कर दिया गया है।
-इसके साथ ही यूनिट्स को 1991 से लेकर 2002 तक की फीस भी जमा करवाने के लिए कहा गया है। व्यापारियों की मांग है कि बैक डेट से जो फीस वसूलने की बात कही जा रही है उस कंडीशन को हटाया जाए।
-चंडीगढ़ स्क्रु मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के महासचिव बी.एस. सैनी ने बताया कि अब एडवाइजर की ओर से निर्देश जारी होने के बाद यह मामला सी.पी.सी.सी. की आगामी मीटिंग में आएगा।