चंडीगढ़। नेशनल यंग बुल 2016 का खिताब जीतने वाले फाजिल्का के राजा (भैंसा) के लिए एक आदमी ने दो करोड़ रुपए की बोली लगाई, लेकिन उनके मालिक शहबाज सिंह ने उसे ठुकराने में दो सेकंड भी नहीं लगाए। किसने लगाई राजा की 2 करोड़ कीमत और क्यों...
फाजिल्का के गांव चक वैरो के लक्ष्मी डेरी फार्म के इस राजा ने इसी साल यंग बुल का खिताब हासिल किया है। उसके सीमन की मांग सिर्फ उत्तर भारत में ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में है। सिर्फ दो साल की उम्र में ही राजा ने अपने नाम को सही साबित कर दिया है। राजा को तमिलनाडु के एंब्रयो ट्रांसफर टेक्नॉलॉजी के अधिकारी शोध के लिए खरीदना चाहते थे और उन्होंने इसके लिए दो करोड़ रुपए की रकम देनी चाही, लेकिन मालिक शहबाज ने इसे एक सेकंड में ही नकार दिया।
13 क्विंटल का है राजा, हर महीने कमाता है 3 लाख...
- राजा इस साल की लाइवस्टोक चैंपियन रानी का बेटा है और उनकी उम्र तीन साल है। उसका वजन पांच फीट 3 इंच है और उनका वजन 13 क्विंटल है।
- राजा एक महीने में करीब तीन लाख रुपए की कमाई कर लेता है। राजा का छोटा भाई सिकंदर भी उन्हीं की तरह बढ़ रहा है। राजा के सीमन के साथ-साथ उसके बछड़ों की भी काफी मांग है।
- राजा अभी तक 700 इंजेक्शन स्पर्म दे चुका है, जिसे दक्षिण भारत में लोग ब्लैक में भी लेने को तैयार हैं। इसके अलावा उसके द्वारा पैदा की गई 400 बछड़ों की भी देशभर में मांग है और ये पूरी नहीं हो पा रही।
हीटर के साथ-साथ स्पेशल डाइट भी मिलती है
- फार्म में भैंसों के लिए स्पेशल हीटर लगाए गए हैं, जिनसे 22 या 23 डिग्री टेम्प्रेचर रखा जाता है, ताकि इन्हें ठंड न लगे।
- ये दिन में तीन से चार किलोमीटर तक सैर करते हैं और रोजाना इनकी तेल से मालिश भी होती है।
- इन्हें खास प्रकार का भोजन दिया जाता है। जो सोयाबीन, सरसों, छोले, बिनौले, नमक, कैल्शियम, विटामिन एच, मूंगफली , गेहूं, मक्की, चावल आदि को मिक्स करके तैयार किया जाता है।
2004 से शुरू किया काम:
फाजिल्का के गांव चक वैरो के लक्ष्मी डेरी फार्म के मालिक शेरबाज सिंह 2004 से इस व्यवसाय में हैं। उनके पास 55 से 60 मुर्रा नस्ल की भैंसे हैं। वे कहते हैं कि हमारे पास सभी भैंसे कंपीटिशन करने वाली ही हैं। हम इससे पहले 2008 और 208 में भी ऐसे ही शीर्ष स्थान हासिल कर चुके हैं।
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