पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • अंजुम ने साधा डबल गोल्ड पर निशाना

अंजुम ने साधा डबल गोल्ड पर निशाना

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़। चंडीगढ़ की स्टार राइफल शूटर अंजुम ने अपनी चमक साउथ एशियन गेम्स में कम नहीं होने दी बल्कि उसे डबल कर दिखाया। अंजुम ने गुवाहाटी में यहां 50 मीटर 3 पॉजिशन राइफल वुमंस इवेंट एक के बाद एक दो गोल्ड मेडल हासिल किए। अंजुम ने पहली स्वर्णिम सफलता टीम इवेंट में हासिल की। इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडलिस्ट को हराते हुए सोने पर कब्जा किया। डीएवी कॉलेज की स्टूडेंट अंजुम शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन करती आ रही हैं। एक बार उन्होंने ओलंपियन अंजली भागवत को हराकर सुर्खियां बटोरी थी। ओलंपियन को हराने के बाद अंजुम ने कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट लज्जा गोस्वामी को मात देकर साेना हासिल किया।
इंडिविजुअल में छा गई अंजुम
साउथ एशियन गेम्स में अंजुम के साथ दो अन्य शूटर भी छा गईं। इसमें शीर्ष तीनों पॉजिशन भारतीय निशानेबाजों के ही नाम रही। अंजुम ने इंडिविजुअल में 452.2 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर कब्जा किया। उनके बाद दूसरे स्थान पर कोशि एलिजाबेथ सूसन रहीं जिन्होंने 451.9 अंक हासिल किए। वहीं कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट लज्जा को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। उन्होंने 429.9 अंक हासिल किए। वहीं टीम इवेंट में भारतीय तिकड़ी ने 40 अंक से भी ज्यादा अंतर से सोना हासिल किया। भारतीय टीम ने यहां 1726 अंकों के साथ ये कामयाबी हासिल की जबकि श्रीलंका ने सिल्वर और पाकिस्तान को ब्रॉन्ज मेडल मिला। श्रीलंका के खाते में 1686 अंक रहे जबकि पाकिस्तानी निशानेबाजों ने 1655 अंक ही बटोरे।
अंजुम पर कॉलेज को गर्व है
डीएवी कॉलेज सेक्टर 10 के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. अमनिंद्र मान ने कहा कि अंजुम जब से कॉलेज की स्टूडेंट हैं वे तब से कॉलेज को सम्मान दिला रही हैं। वे कॉलेज की शान हैं और हम सभी उन पर गर्व करते हैं। हमें उनसे जो उम्मीदें थी उसे उन्होंने वहां पर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि अंजुम यहां एमए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हैं और उन्होंने कई वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप शूटिंग में देश का प्रतिनिधित्व किया है। वे आने वाले समय में भी ऐसे ही अच्छे प्रदर्शन के साथ कॉलेज, शहर और देश को सम्मान दिलाती रहेंगी।
मां के नक्शे कदम पर चलीं अंजुम
अंजुम की मां शुभ मौदगिल खुद भी एससीसी कैडेट रही हैं और उन्होंने खुद भी शूटिंग की है। मां के निशानेबाजी के शौंक के बाद अंजुम में भी इस गेम के प्रति इंटरेस्ट पैदा हुआ। अब अंजुम अपनी मां से कई कदम आगे निकल गई हैं और एक सफल प्रोफेशनल शूटर बनने की ओ कदम बढ़ा रही हैं। अंजुम ने भी अपने शूटिंग करियर की शुरुआत एनसीसी के साथ ही की थी। अब अंजुम हरियाणा की ओर से नेशनल में हिस्सा लेती हैं। अंजुम के कोच डीएस चंदेल, उनके पेरेंट्स और कॉलेज उनकी इस सफलता पर काफी खुश है।
खबरें और भी हैं...