चंडीगढ़। पिछले एक महीने में ही पंजाब और हरियाणा राज्यों से आने वाले डीजल ऑटोरिक्शा पर कार्रवाई करीब 1000 ऑटोरिक्शा को इंपाउंड किया गया जबकि करीब 1200 डीजल ऑटोरिक्शा के चालान काटे गए हैं इनसे प्रशासन को करीब 60 लाख रुपए की कमाई हुई है।
चालान कटने पर देने होते हैं 1000 रुपए...
-डीजल ऑटोरिक्शा की चंडीगढ़ में एंट्री को बैन करने और उस पर सख्ती करने से एक फायदा तो ये कि चंडीगढ़ में एयर पॉल्यूशन लेवल सुधरा है।
-वहीं एडमिनिस्ट्रेशन के लिए भी इस कार्रवाई का सही फायदा मिला है। दरअसल जब डीजल ऑटोरिक्शा को इंपाउंड किया जाता है तो उसके मालिक को 5000 रुपए देकर ऑटो पुलिस स्टेशन से छुड़वाना पड़ता है जबकि चालान कटने पर 1000 रुपए जमा करवाने पड़ते है।
-इस तरह से डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री बैन करना प्रशासन के लिए आम के आम और गुठलियों के भी दाम वाली कहावत साबित हो रही है।