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स्पीकर साहिब अब सुन गया बिक्रम ने क्या कहा था- कैप्टन

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। मुक्तसर साहिब में रविवार को राजस्व मंत्री व युवा अकाली दल के अध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा कांग्रेसी विधायक राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ विधानसभा में किए गए गलत शब्दों के प्रयोग संबंधी दिखाई वीडियो की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर द्वारा इसको विधानसभा रिकार्ड से हटाने या दिखाने के आदेश उस वक्त बेअर्थ हो जाते हैं, जब यह पहले ही लोगों में आ चुकी है।उन्होंने कहा, जब स्पीकर की इजाजत से ही इसे चैनलों में इसे लाइव चलाया गया तो अब कैसे इसको हटाया जा सकता है।
स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल द्वारा किए पक्षपात पर सवाल करते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि यह साफ तौर पर सुन रहा है, जो मजीठिया ने विधानसभा में कहा। उस वक्त हाऊस में मौजूद सभी सदस्यों, मीडिया गैलरी में पत्रकारों व हरेक ने सुना जो मजीठिया ने कहा और अभी भी वह (स्पीकर) दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं सुना।
स्पीकर द्वारा वीडियो दिखाने पर कांग्रेसी विधायकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए विकल्प खोजने हेतु संवैधानिक माहिरों से राय लेने पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि स्पीकर को चाहिए कि वह पहले अपनी संवैधानिक भूमिका पर जरूर एक बार ध्यान दें। उन्होंने वीडियो दिखाने के आदेश दिए थे और कोई भी विधायक इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। यदि आपको किसी तरह की परेशानी है, तो मेरे साथ बात करो और मेरे विधायकों को तंग न करो।
प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि यदि असल में स्पीकर ने कुछ नहीं सुना, तो फिर किसके चलते उन्होंने वीडियो रिकार्डों से हटाने और कांग्रेसी विधायक को निलंबित करने का आदेश दिया व मजीठिया को कुछ नहीं कहा। ऐसी कार्रवाई करने से पहले स्पीकर को चाहिए कि वह जांच-पड़ताल करके पहले खुद संतुष्ट हों।
उन्होंने स्पीकर द्वारा मजीठिया पर कोई कार्रवाई न करने पर सवाल किया, जब अब सारा विश्व जानता है कि उसने उस पवित्र चैंबर में क्या कहा, जिसकी अध्यक्ष स्पीकर करते हैं। यदि आप मजीठिया द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों सुनने व देखने के लिए आजाद नहीं हैं, तो इसका अर्थ यह नहीं निकलता कि अन्यों को भी मजबूर किया जाए।
स्पीकर अपनी मौजूदगी में सब कुछ होने के बावजूद अनजान बनकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। ऐसा चरित्र स्पीकर के पद की कार्यप्रणाली पर बुरा प्रभाव डालता है, जो अटवाल अपना रहे हैं और उस घटना से अनजान बनने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पूरा विश्व अवगत है।
इसके अलावा, उक्त घटना के उपरांत मजीठिया कई समाचार-पत्रों को दिए साक्षात्कार में कबूल कर चुके हैं कि उन्होंने हाऊस में राणा गुरजीत के विरुद्ध गलत शब्दों का प्रयोग किया। फिर कैसे हो सकता है कि स्पीकर ने इन अखबारों को ही नहीं पढ़ा।