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\'जसप्रीत 2008 में तो शारीरिक तौर पर मरा था, असल में आज हुई उसकी मौतÓ

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। पांच साल पहले अपने भाई जसप्रीत की आत्महत्या के सदमे के बाद 18 वर्षीय 'डिप्रेशनÓ में चली गई। भाई की मौत का छोटी बहन हरप्रीत कौर के लिए इतना गहरा था कि वो डिप्रेशन से बाहर नहीं निकल और भाई की मौत के डेढ़ साल बाद हरप्रीत भी चल बसी। जसप्रीत के पिता चरण सिंह के अनुसार परिवार के दो चिरागों को खोने के बाद उम्मीद थी कि जसप्रीत को न्याय मिलेगा। दरअसल जनवरी 2008 में जीएमसीएच में एमबीबीएस फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आत्म हत्या के लिए जसप्रीत के एचओडी एनके गोयल पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था। पुलिस में केस दर्ज होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। अब इस केस में कोर्ट ने जसप्रीत के एचओडी रहे एनके गोयल को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। लेकिन इस फैसले से जसप्रीत का परिवार अब पूरी तरह से टूट चुका है।
जसप्रीत शारीरिक तौर पर तो 2008 में मरा था, लेकिन पूरा आज हुआ... फैसला आने के बाद जसप्रीत के सेक्टर 41 घर में शोक का माहौल था। मां वीना फूट फूटकर रो रही थी। वह बार एक ही बात कह रही थीं, हमारा इकलौता बेटा चला गया। उसके जाने के बाद अब 'न्यायÓ की उम्मीद थी, वह भी आज टूट गई। मेरा बेटा डिप्रेशन में नहीं था, वह परेशान था अपने एचओडी से । लेकिन उसके जाने के गम में उसकी छोटी बहन को डिप्रेशन में चली गई। डेढ़ साल बाद वह भी चल बसी। अब घर में तीन लोग ही घर में बचे हैं। एक बेटी जिसकी शादी हो चुकी है। एक बेटी बलविंदर पीजीआई में स्टाफ नर्स है। बहन बलविंदर कौर ने कहा कि जसप्रीत शारीरिक तौर पर तो 2008 में मरा था, लेकिन पूरा आज हो गया।
जसप्रीत के पिता चरण सिंह का कहना है कि पिछली सुनवाई तक ऐसा लग रहा था कि फैसला हमारे हक में होगा। लेकिन आज एकाएक आरोपी एचओडी को बरी कर दिया। वे बार बार यही कहते हैं कि उनके बेटे को साजिशन फेल किया गया था।
मरने के बाद 'मरने के बाद डॉक्टरी पास कर गया जसप्रीतÓ कोर्ट के आदेश पर पीजीआई के डॉक्टर्स के पैनल ने जसप्रीत के पेपर चेक इस पैनल ने जसप्रीत को 30 में से 16 नंबर दिए। अपनी मौत के बाद जसप्रीत पास हो गया था। जसप्रीत ने आठवीं और दसवीं में भी टॉप किया था। जीएमसीएच 32 में एंट्रेंस क्लियर करने के बाद एमबीबीएस के पहले चार सालों में जसप्रीत पास होता रहा।