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10 साल पहले छेड़छाड़, साइंटिस्ट को दिनभर अदालत में खड़े रहने की सजा

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। छेड़छाड़ के मामले में निचली अदालत से दो साल की सजा होने के बाद सेशंस जज एस के अग्रवाल के समक्ष क्षमा याचिका दायर करने वाले वैज्ञानिक पीयूष कुमार अवस्थी को बुधवार सारा दिन अदालत के बाहर खड़े होने की सजा सुनाई गई। इसी के साथ उसपर 2 लाख 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। दायर मामला 3 अप्रैल 2003 का है। दायर मामले के अनुसार मनीमाजरा के रहने वाले पीयूष कुमार अवस्थी सेक्टर-30 स्थित सीएसआईओ के वैज्ञानिक थे।

उनके साथ काम करने वाली एक महिला ने उनपर आरोप लगाया था कि वह उसका पीछा कर उन्हें तंग किया करते है। इसी के साथ ही वह उसे धमकी भी दिया करते है। लेकिन 2 अप्रैल 2003 को उन्होंने उन्हें फोन कर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। महिला ने इसकी शिकायत उद्योगिक क्षेत्र थाने में दी थी। जिसके बाद से मामला अदालत में चल रहा था। निचली अदालत ने 15 जुलाई 2009 को उन्हें 2 वर्ष की सजा के साथ 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। निचली अदालत से सजा होने के बाद अवस्थी ने सेशंस जज की अदालत में क्षमा याचिका दायर की थी। बुधवार को इस क्षमा याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें सारा दिन अदालत के बाहर खड़े होने के आदेश के साथ 2 लाख दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।