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डाउनलोड करेंचंडीगढ़/तरनतारन। जम्मू जेल में एक कैदी के हमले के बाद घायल हुए पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह की मौत से पाकिस्तान में भारी गुस्सा पाया जा रहा है। इस घटना से यहां दोनों देशों के दोस्ती सबंधों पर सवाल उठ रहे है। वहीं भारत-पाक जेलों में बंद कैदी भी सुरिक्षत नही रहे है। यह दावा पाकिस्तान से सरबजीत सिंह के केस की पैरवी कर रहे एडवोकेट आवेस शेख ने दैनिक भास्कर से फोन पर किया है।
शेख ने कहा कि पहले पाकिस्तान में कोट लखपत जेल में पाकि कैदियों ने भारतीय कैदी सरबजीत पर बेरहमी से हमला कर दिया। जिससे उसकी अस्पताल में ईलाज दौरान मौत हो गई। अभी यह मामला ठंडा भी नही पड़ा कि जम्मू की जेल में बंद पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह पर एक कैदी ने हमला कर दिया। जिससे उसकी पीजीआई चंड़ीगढ़ में मौत हो गई। पाकिस्तान में इन दिनों चुनाव का दौर चल रहा है।
लेकिन फिर भी लोग सनाउल्लाह की मौत से बेहद गुस्से में है। कई जगह पर सड़कों पर रोष प्रर्दशन भी किए जा रहे है। आवेस शेख ने कहा कि इन दोनों घटनाओं से भारत व पाकिस्तान के सबंध पहले जैसे नही रहे। दोनों देशों में अपने-अपने देश के कई कैदी बंद है। वह तो शांति ढंग़ से इन कैदियों की रिहाई के लिए प्रयास कर रहे थे। लेकिन सरबजीत व सनाउल्लाह की घटना से दोनों देशों की जेलों में एक दूसरे के बंद कैदी सुरिक्षत नही रहे है। दोनों देशों के नेताओं को शांति ढ़ंग से इसका हल निकालना चाहिए। ता जो आगे से किसी और सरबजीत व सनाउल्लाह की मौत न हो सके।
अभी चुप है पाकिस्तान की सरकार..
आवेस शेख ने कहा कि जैसे भारत में सरबजीत सिंह को देश का शहीद ऐलान कर उसका सरकारी सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं पाकिस्तान सरकार अभी सनाउल्लाह की मौत को लेकर खामोश है। हो सकता है सरकार इसके लिए उसका शव आने तक ऐलान कर सके। लेकिन अभी तक लोगों में रोष तो पाया जा रहा है मगर उसके सम्मान के लिए कोई घोषणा नही की गई है।
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फोटोः संताषु
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