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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। कैंसर के इलाज के लिए वित्तीय सहायता देने के लिए इंपेनल किए गए 19 अस्पतालों की इंस्पेक्शन पंजाब सरकार टाटा मेमोरियल कैंसर(टीएमसी) अस्पताल से करवाएगी। इसके लिए टीएमसी टीम 16 मई को पंजाब के दौरे पर आ रही है । टीम अमृतसर, फरीदकोट और पटियाला के मेडिकल कॉलेजों की भी जांच करेगी और यदि उनमें कैंसर के इलाज को लेकर खामियां हुई तो उन्हें सुझाव देगी ।
इसके अलावा टीम मोहाली में 200 डॉक्टर्स और इतनी ही नर्सों को भी कैंसर के इलाज के लिए प्रशिक्षण देगी। यदि कोई डॉक्टर और अधिक ट्रेनिंग करना चाहेगा तो उन्हें मुंबई में कैंसर अस्पताल में भेजा जाएगा जहां 6 महीने तक के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रमुख स्वास्थ्य सचिव विनी महाजन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि टीएमसी की ओर से राज्य सरकार को कैंसर के इलाज के लिए अस्पतालों को मजबूत करने के लिए हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है।
काबिले गौर है कि पंजाब सरकार ने इससे पहले 37 अस्पतालों को कैंसर का इलाज करवाने वाले मरीजों को वित्तीय सहायता देने के लिए इंपेनल किया था लेकिन सरकार की ओर से जब इन अस्पतालों की जांच करवाई गई तो पाया कि 11 अस्पतालों के पास कैंसर के इलाज की सुविधाएं ही नहीं हैं जबकि 7 अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इनकी इंपेनलमेंट खत्म करने के आदेश दिए और शेष बचे 19 अस्पतालों की भी फिर से जांच करवाने को कहा गया।
कैंसर फंड की अधिसूचना जारी
पंजाब सरकार ने कैंसर के लिए फंड जुटाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए पंजाब स्टेट कैंसर एंड ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एक्ट 2013 सरकार ने बजट सत्र के दौरान ही पारित किया था जिसकी धारा 6 ए से लेकर 6 ई तक फंड एकत्रित करने के लिए स्रोतों की जानकारी दी गई है। सरकार ने सरकारी, अर्ध सरकारी, स्थानीय निकाय, इंप्रूवमेंट ट्रस्टों और पंचायती राज संस्थाओं, के कब्जे वाली अचल संपत्ति को खाली करवाकर उसकी नीलामी करवाने वाली जमीन से मिलने वाली आय का 2 फीसदी हिस्सा इस फंड में दिया जाएगा। सोसायटियों और ट्रस्ट जो राज्य सरकार के विभागों द्वारा स्थापित किए गए हैँ से प्राप्त होने वाली आय का दो फीसदी हिस्सा, साल में दो बार इस फंड में जमा करवाया जाएगा।
उन बोर्ड कार्पोरेशन जो घाटे में नहीं हैं की आमदनी का 2 फीसदी हिस्सा, सड़कों और पुल जो 50 करोड़ से ऊपर के होंगे की टेंडर कीमत का एक फीसदी हिस्सा, सिगरेट पर लगे 50 फीसदी टैक्स में से 33 फीसदी हिस्सा इस फंड में जमा करवाया जाएगा। इससे लगभग 180 करोड़ रुपए जुटाए जाने की संभावना है।
और फंड जुटाने के लिए मीटिंग 20 को
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इस फंड में हर साल 300 करोड़ रुपए तक फंड जुटाना चाहते हैँ । इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है जो अन्य स्रोतों से इस फंड के लिए राशि जुटाएगी। इसके लिए 20 मई को मीटिंग बुलाई गई है। कमेटी में मुख्य सचिव के अलावा स्वास्थ्य और वित्त विभाग के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव होंगे।
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