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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। शुक्रवार को पंजाब कला भवन की सोभा सिंह आर्ट गैलरी में कोटकपूरा के गुलवंत सिंह की पहली आर्ट एग्जिबीशन शुरु हुई। धर्म के अलावा इस आर्ट एग्जिबीशन में लगी 60 पेंटिंग्स में समाजिक, रोमैंटिक और प्रकृति के रंग शामिल हैं। गुलवंत ऑयल ऑन कैनवास, पेस्टल और पोस्टर कलर्स मीडियम से अपनी कला को अंजाम देते हैं। इनकी एग्जिबीशन का उद्घाटन पंजाब आट्र्स काउंसिल की चेयरमैन बीबी हरजिंदर कौर ने किया। इस मौके पर आनंदपुर साहिब संसदीय क्षेत्र से एमपी रवनीत बिट्टू भी मौजूद थे। यह 12 मई तक चलेगी।
गुलवंत की एक पेंटिंग में उस समय का दृश्य है जब दरबार साहिब बना भी नहीं था। पाठी बाहर बैठकर पाठ कर रहे हैं और महाराजा रंजीत सिंह उस पाठ को सुन रहे हैं। वहीं एक पेंटिंग में इरान के फिलॉस्फर उमर खय्याम को साकी के साथ पेड़ के नीचे सुकून के कुछ पल बिताते दिखाया गया है। वहीं बाबा फरीद की बाणी पर बेस्ड एक पेंटिंग के माध्यम से उन्होंने संदेश देने की कोशिश की है कि छोटी सी जिंदगी में हमे अच्छे काम करने चाहिए। इसमें काजल से भरी लड़की की सुंदर आखें और शमशान का एक दृश्य दिखाया है। दिखाया गया है कि आंख में काजल डालते समय अगर सुरमे की सलाई जोर से लगे तो आंख में दर्द होती है पर मरने के बाद शमशान में पड़ी खोपड़ी की आंख में कभी कोई पक्षी बीठ कर रहा है तो कभी कोई पक्षी अंडे दे रहा है। इनके आर्टवर्क लैंडस्के प, मेडिटेशन, नेचर और बुद्धा से भी इंसपायर्ड हैं। इसी तरह गुलवंत ने विवाहित और अविवाहित प्रिंसेस डायना के स्केच भी हैं।
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रिएलिटी के करीब गुलवंत
गुलवंत की पेंटिंग रिएलिटी के भी बेहद करीब हैं। अपनी एक पेंटिंग में उन्होंने कोटकपूरा की दाना मंडी के पास की झुग्गियों में बसे गरीब बच्चों को दिखाया है। यह बच्चे उस अनाज को मिट्टी से अलग कर रहे हैं जो जम्मींदारों द्वारा बेचने के बाद बच जाता है।
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