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.होशियारपुर। बालीवुड में अपनी दमदार छवि का लोहा मनवाने वाले 93 वर्षीय खलनायक व चरित्र अभिनेता 93 वर्षीय प्राण आज शुक्रवार को उस समय भावुक हो उठे जब मुंबई स्थित उनके आवास पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री व लुधियाना के कांग्रेसी सांसद मनीष तिवारी पहुंच उन्हें दादा साहब फाल्के अवार्ड के तहत स्वर्ण कमल, प्रशस्ति पत्र, शाल के साथ साथ 10 लाख रुपए का चेक सौंपा।
प्राण को जिस समय यह सममान दिया जा रहा था उस समय प्राण की बेटी पिंकी भल्ला व बेटा सुनील सिकंद भी उपस्थिथ थे। पिंकी भल्ला व सुनील सिकंद के अनुसार उनके पिता प्राण को जिस समय मनीष तिवारी सममानित कर रहे थे तो पिताजी काफी भावुक हो उठे थे वहीं संपर्क करने पर केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने बताया कि मेरा यह सौभाग्य है कि मैने यह अवार्ड प्राण को दिया है। दादा साहिब फालके पुरस्कार प्राण को देकर इस अवार्ड की अहमियत और बढ़ गई है। उन्हें यह अवार्ड तो 3 मई 2013 की रात को नई दिल्ली में ही मिलनी चाहिए थी लेकिन प्राण साहब के स्वास्थ ठीक नहीं होने की वजह से वह समारोह स्थल पर नहीं पहुंच पाए थे। आज मेरा सौभाग्य है कि वह इस महान कलाकार को अपने हाथों यह अवार्ड सौंप रहा हूं।
प्राण के गांव भारोवाल में खुशी की लहर
गौरतलब है कि प्राण का पैतृक गांव भारोवाल होशियारपुर चंडीगढ़ रोड पर सैलाखुर्द कस्बे के साथ लगते गांव भारोवाल है। आज दोपहर देश के सभी प्रमुख चैनलों पर जब यह दृश्य दिखाया जा रहा था तो उसे देख भारोवाल गांव के हर गलियों से आबाज आने लगी कि अपने गांव के रहने वाले प्राण को अवार्ड सौंपा जा रहा है। पहले इस अवार्ड की घोषणा व आज मुंबई स्थित उनके निवास पर पंजाब के ही सांसद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी द्वारा बीमारी के चलते स्वंय उनके घर जाकर इस अवार्ड से नबाजे जाने की खबर सुन भावुक हो उठे। गांववासियों ने कहा कि हमें आज भी सत्तर के दशक में आई उनकी एक फिल्म लाखों में एक में प्राण द्वारा बोले गए एक डायलाग कि मेरा नाम शेर सिंह निवासी गांव भारोवाल डाकखाना व रेलवे स्टेशन सैलाखुर्द जिला होशियारपुर को याद कर हमें खुशी होती है कि प्राण साहब हमारे गांव के रहने वाले हैं।
मलंग चाचा व खेर सिंह पठान की भूमिका को कौन भूल सकता है
गौरतलब है कि 400 से अधिक हिंदी फिल्मों में अपना दमदार अभिनय करने वाले प्राण को इस दमदार पुरस्कार मिलने की घोषणा पिछले माह अप्रैल 2013 में ही की गई थी। प्राण बालीवुड में उन अभिनेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्होंने खलनायक के तौर पर शोहरत हासिल की लेकिन अपने फिल्मी कैरियर के छह दशक के दौरान खलनायक के अभिनय से उलट उन्होंने कई फिल्मों में चरित्र रोल भी किए हैं।
आज भी फिल्म उपकार के मलंग चाचा, फिल्म जंजीर के पठान को कोई नहीं भूल पाया। प्राण जिस किसी भी रुप में पर्दे पर आए उन्हे हर बार शोहरत मिली। विक्टोरिया नंबर 203, मधुमति, जिद्दी, राम और श्याम, जंजीर, डान जैसी कई फिल्मे उनके नाम पर दर्ज है जिसमें उन्होंने अपने अभिनय के दम पर दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया था।
साल 2001 में मिला था प्राण को पदमभूषण अवार्ड
गौरतलब है कि पिछले 63 सालों से बालीवुड फिल्मों के बड़े पर्दे पर अपने दमदार अभिनय से सबका दिल जीतने वाले प्राण ने लगभग चार सौ फिल्मों में अभिनय किया है। इस दौरान उन्होंने हर तरह के किरदार पर्दे पर बखूबी निभाए हैं। जहां लोगों ने उन्हे खलनायक की भूमिका में सराहा। वहीं उन्होंने अपनी दमदार
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