पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंचंडीगढ़। हमारे लिए भी मुश्किल था पेरेंट्स को कन्वेंस करना हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा इंजीनियर या डॉक्टर बने। सबको ब्लू कॉलर जॉब चाहिए। कनाडा में जब 1960 में कम्यूनिटी कॉलेज शुरू हुए तो हमारे लिए भी पेरेंट्स को कन्वेंस करना एक चैलेंज था। ये बताते हैं कनाडा के कौंसुल जनरल स्कॉट स्लेसर। पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में हायर एजुकेशन पर शुरू हुए इंडो-कनाडियन प्रोजेक्ट के लिए वह पीयू आए हुए थे।
स्लेसर बताते हैं कि लोगों को जाग रुक करने की जरूरत है। हमारे पास कॉलेजिस में एमए सोशल साइंसेज करने के बाद लोग आते हैं स्किल रिलेटेड कोर्सेज करने के लिए ताकि उन्हें जॉब मिल सके। ये कोर्सेज तो पहले भी किए जा सकते हैं। पेरेंट्स को कन्वेंस करना होगा। हायर एजुकेशन सभी के लिए करना संभव नहीं है। बेहतर है कि ऐसी एजुकेशन ली जाए जिसके बाद आपके पास जॉब या बिजनेस हो। भारत में डिग्री का बहुत क्रेज है। यह क्रेज कनाडा में भी था।
लेकिन धीरे-धीरे मीडिया की अवेयरनेस और कोर्स पूरा होते ही मिलने वाले रोजगार ने लोगों को कन्वेंस कर दिया। इसमें समय कनाडा में 150 कम्यूनिटी कॉलेज हैं। इनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है कि यह इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार है। हम यह देखते हैं कि आने वाले समय में इंडस्ट्री को कितनी जरूरत है। उसके हिसाब से कोर्स प्लान होता है और जॉब भी साथ ही मिल जाती हैं। इंडिया जैसे चैलेंजेस कनाडा में भी थे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.