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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। कविता हो या कहानी। मजेदार वही है जो आपकी और हमारी बात करे। तभी उसे पढऩे या सुनने का मजा आता है। और इसी तरह की कुछ कविताएं और कहानियां पढ़ी-सुनी गईं शनिवार शाम यूटी गेस्ट हाउस में। मौका था चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के एनुअल राउंड अप का। हिस्सा लेने वालों में शहर के कई साहित्यकार और साहित्य में रुचि लेने वाले पहुंचे। यूटी एडमिनिस्ट्रेटर के एडवाइजर केके शर्मा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उनकी पत्नी निनैत भी उनके साथ प्रोग्रैम का हिस्सा बनने पहुंचीं। उपस्थित अन्य मेहमानों में हरियाणा के होम सेक्रेटरी समीर माथुर, पीयू के पूर्व वीसी आरएल कपूर और उनकी पत्नी मधु कपूर, चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के चेयरमैन दीवान माना भी शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत कुछ कविताओं और कहानियों को पढ़कर हुई। यह कहानी-कविताएं उन किताबों से थीं जिन्हें 2012-2013 में बेस्ट पब्लिश्ड बुक्स का ईनाम दिया गया है। इनमें रंगकर्मी और साहित्यकार विजय कपूर का काव्य संग्रह, 'पहाड़ ही नहीं होते हैं पहाड़Ó, डॉ.गारगी की कहानियों की किताब, 'शुभ शुरुआतÓ और निर्मल जसवाल की कहानियों की किताब, 'रेत का रिश्ताÓ शामिल हैं। इन सभी रचनाकारों को एडवाइजर केके शर्मा ने 11-11 हजार रुपये इनाम के तौर पर दिए। विजय कपूर ने अपनी कविताएं 'शब्द की अनुगूंजÓ, 'प्रभु कहलाएÓ, 'अक्टूबर मेंÓ, 'हिनहिनाताÓ, 'दिल अब बहरा थाÓ आदि शामिल हैं। इनकी कविता 'प्रभु कहलाएÓ को खूब पसंद किया गया। इसके बोल थे 'सामना करता हूं मैं हर समय झूठ और फरेब का, फिर भी सत्य पर अडिग रहने की कामना करता हूं।Ó वहीं डॉ. गारगी ने अपनी कहानी, 'लड़ मत लड़कीÓ पढ़ी। इसमें मासूम लड़की 'टिनतीÓ की कहानी सुनाई गई जिसे पैदा होने के बाद हर दम ससुराल और मायके की बातें सुनाई जाती हैं। उसके दादा-दादी उसे लड़की होने के मायने बताते हैं।
इस मौके पर आर्किटेक्ट रजनीश वत्स ने लेखक 'आरके नारायणÓ पर की रिसर्च पर एक स्लाइड प्रजेंटेशन भी दी। प्रजेंटेशन के दौरान उन्होंने शेयर किया कि कैसे नारायण उनके दिल के करीब आए। वत्स ने बताया कि उन्होंने अपने पापा को नारायण के लिखे नॉवल पढ़ते देखा, फिर उनके लिखे नॉवल पर बेस्ड देवानंद की फिल्म 'गाइडÓ और नाटक 'मालगुडी डेजÓ बहुत पसंद आए वगैरह-वगैरह। उन्होंने बताया कि वह मैसूर में उनके घर भी जा चुके हैं। इसके बाद चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की चेयरमैन मंजू जैदका ने 2012-2013 में अकादमी द्वारा ऑर्गनाइज गतिविधियों से भी सभी को रू-ब-रू कराया।
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इस मौके पर केके शर्मा ने 6 काव्य संग्रह भी रिलीज किए। इनमें 4 हिंदी और दो पंजाबी के काव्य संग्रह शामिल हैं।
लेखक और उनके काव्य संग्रहों के नाम
डॉ. नीना कनौजिया का 'शब्दों के बदलते अर्थÓ
अजय सिंह राणा का 'उम्मीद के किनारेÓ
रतन चंद रत्नेश का 'झील में उतरती ठंडÓ
दिनेश चंद्र का 'सच्ची बातें कड़वे झूठÓ
सुभाष शर्मा का 'रोट्टियां दी लाशÓ(पंजाबी)
निर्मल जसवाल का 'अंगारÓ(पंजाबी)
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इन्हें मिला बेस्ट बुक का अवॉर्ड
विजय कपूर का काव्य संग्रह 'पहाड़ ही नहीं होते हैं पहाड़Ó
डॉ. गारकी की स्टोरी बुक 'शुभ शुरुआतÓ
निर्मल जसवाल की स्टोरी बुक 'रेत का रिश्ताÓ
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