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चंडीगढ़। रिश्वत कांड में शक के दायरे में आए हुए पंजाब काडर के आईएएस अफसर राहुल भंडारी पर पंजाब ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दरअसल राहुल भंडारी द्वारा ग्रेटर नोएडा में 95 लाख रुपए के खरीदे फ्लैट के स्रोत को लेकर शक के दायरे में हैं। मुख्य सचिव राकेश सिंह ने साफ किया , पर्सोनल विभाग ने उनसे कुछ सवाल किए हैं जिसका अभी जवाब आना बाकी है।
राहुल भंडारी ने पंजाब के पर्सोनल विभाग को अपनी रिटर्न में ग्रेटर नोएडा में एक करोड़ के लगभग की कीमत वाला फ्लैट खरीदा बताया है। विभाग ने उनसे इसके स्रोत के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि 55 लाख रुपए केनरा बैंक से लोन लिया गया है और 30 लाख रुपए चार्टड अकाउंटेंट सुनील कुमार गुप्ता ने उन्हें बिना ब्याज के कर्ज दिया है। उन्होंने बताया कि गुप्ता उनके नजदीकी मित्र हैं और वह सेवा नियमों के अधीन वह किसी से भी अल्प समय के लिए कर्ज ले सकते हैं।
पर्सोनल विभाग राहुल भंडारी के इस उत्तर से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने भंडारी से पूछा है कि क्या सुनील कुमार गुप्ता ने अपनी रिटर्न में तीस लाख के कर्ज को दिखाया है। इसके अलावा विभाग ने यह भी पूछा है कि केनरा बैंक से लिए गए कर्ज की किश्त कितनी है और यह अदायगी करने के बाद वेतन से कितना हिस्सा बचता है।
राहुल भंडारी का रिश्वत कांड में नाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी राकेश सिंह ने उनकी रिटर्न संबंधी और जानकारी पर्सोनल विभाग से मांग ली है। काबिले गौर है कि राहुल भंडारी और उनकी पत्नी राखी गुप्ता भंडारी दोनों ही इस समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं । राहुल भंडारी पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के निजी सहायक के रूप में तैनात हैं। पंजाब में भी वह मोहाली और बठिंडा में डीसी रहे हैं। जिस प्रकार से सीबीआई और पर्सोनल विभाग उनकी जायदाद को लेकर शिकंजा कस रहा है उससे साफ है कि आने वाले दिन उनके लिए मुश्किल भरे होंगे। पटियाला के डीसी विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद राहुल भंडारी दूसरे आईएएस अफसर हैं जिन पर शिकंजा कसना शुरू किया गया है।
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