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महिला रेसलिंग रेफरी को ओलिंपिक में मौका मिलने की उम्मीद

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ की कुलविंदर कौर, राजस्थान की अंजना शर्मा और हरियाणा की संतोष शर्मा को 32वीं बॉयज फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोम व 15वीं जूनियर नेशनल गल्र्स रेसलिंग चैंपियनशिप में टेक्नीकल सपोर्ट देने के बाद अब उम्मीद है कि उन्हें ओलिंपिक में भी जल्द मौका मिलेगा। ये जूनियर नेशनल चैंपियनशिप चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्केटिंग रिंक में 9 से 12 मई तक आयोजित की गई थी।


पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स से क्वालिफाईकरने के बाद ये तीनों महिला रेसलिंग रेफरी कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय रेसलिंग चैंपियनशिप में बतौर रेफरी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं और अब इन्हें रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से एक स्पेशल असाइनमेंट पर काम करने का मौका मिला है जिसके बाद ये काफी गर्व महसूस कर रहीं हैं। ये तीनों महिला रेफरी अपने काम को एक मुकाम तक पहुंचाना चाहती हैं और इनका सपना है कि ये एशियन गेम्स, ओलिंपिक गेम्स और फीला द्वारा आयोजित अन्य कांपिटिशन में भी बतौर रेफरी शामिल हों।


अपने चयन पर इन तीनों पहलवानों ने कहा कि बाउट के दौरान रेफरी का काम करना बेहद चुनौती भरा है। हम हमेशा अपने काम के लिए तैयार रहते हैं क्योंकि हमें ऑफिशियल और पहलवान के समर्थकों से कई प्रकार का दबाव होता है। हम हमेशा सही निर्णय लेने का प्रयास करते हैं ताकि किसी प्रकार का कोई भेदभाव न हो। हम कभी भी हल्के नहीं पड़ सकते क्योंकि एक गलत निर्णय अच्छे पहलवान का करियर खराब कर सकता है।


नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट और पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान चंडीगढ़ की कुलविंदर कौर ने कहा कि मैं काफी गर्व महसूस कर रही हूं की मैं बतौर रेफरी काम करती हूं और मुझे रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस काम के लिए चुना है। मुझे मालूम है कि मेरा काम चुनौती भरा है और इसके लिए मैं हमेशा अपनी नॉलेज बढ़ाती रहती हूं ताकि सही निर्णय ही दूं।