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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। मॉडल जेल प्रशासन चंडीगढ की और से कैदियों के मार्गदर्शन के लिए योग शिविर विलक्षण योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के स्वामी मोहनपुरी ने कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग सुत्र की रचना इसीलिए ही की है कि एक इंसान योग का सहारा लेकर अपने शरीर व मन को स्वस्थ कर सकें। अगर शरीर स्वस्थ है तो प्रत्येक कार्य में इंसान अपना सम्पूर्ण योगदान दे पाएगा। हमारे शास्त्र भी कहते है पहला सुख निरोगी काया। हमारे शरीर के माध्यम से हम समस्त कर्मो को करते है और उन कर्मो के आधार पर ही हमें सुख या दु:ख की प्राप्ति होती है।
स्वामी ने कहा कि अगर इंसान अपने जीवन काल में योग का अभ्यास करता रहे तो वह इंसान कभी रोगी नहीं हो सकता है। अगर हम प्रतिदिन आधा घंटा सुबह शाम कपाल भारति यौगिक क्रिया को करे तों हमें कोई रोग छू भी नहीं सकता है। कपाल भारति यौगिक क्रिया को करने वाले इंसान को मोटापा, शूगर, कब्ज, दिल के रोग, लीवर की समस्या, अधिक या कम बल्ड प्रैशर की समस्या से पूर्णत: मुक्ति तक संभव है। योग के द्वारा प्रत्येक समस्या का निराकरण संभव है।
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