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डाउनलोड करेंजम्मू। राज्य के डिप्टी सीएम तारा चंद जांच के घेरे में फंस गए है। उनके खिलाफ राज्य जवाबदेही आयोग ने नोटिस निकाला है। तारा चंद के खिलाफ शहरी स्थानीय निकायों में अवैध नियुक्तियों का आरोप है। इसीलिए शिकायत पर कार्रवाई शुरु हुई है। आयोग के एक डिबिजन बेंच ने उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया है। उनके खिलाफ शिकायत है कि जब वह शहरी विकास मंत्री थे। तो उन्होंने विभाग में हजारों लोगों की अवैध रुप से नियुक्तियां की थी। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को रखी गई है।
जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति साकिव मुश्ताक ने उनके खिलाफ राज्य जवाबदेही आयोग में शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि जब डिप्टी सीएम के पास शहरी विकास विभाग था। तो उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया था। उन्होंने हजारों नियुक्तियां की थी। जिसमें पैसे लेकर लोगों को नौकरी दी गई। जबकि जो लोग इसके काबिल थे। उन्हें नौकरी नहीं दी गई थी। राज्य जवाबदेही आयोग ने इस शिकायत पर कार्रवाई की। मंगलवार को आयोग के डिबिजन बेंच के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिय वाईपी नरगोत्रा तथा हाकिम इमतयाय हुसैन ने डिप्टी सीएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए है। आदेश में कहा गया कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। लेकिन समय पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए अब आयोग अपने स्तर पर इसकी जांच करवा रहा है।
बता दे कि इससे पहले भी दो तीन मंत्रियों के खिलाफ आयोग में मामले चल रहे है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है। जब जांच के घेरे में राज्य के डिप्टी सीएम फंसे है। अगर इस मामले में कुछ गलत पाया जाता है। तो हजारों कर्मचारियों की नौकरी भी दाब पर लग जाएगी। जो उस आदेश के तहत राज्य के अलग अलग जिलों में नौकरियां कर रहे है।
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