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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री के तीन सलाहकार व दो आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) की नियुक्ति खारिज किए जाने की मांग याचिका पर मंगलवार को पंजाब सरकार ने जवाब दायर कर कहा कि यह नियुक्तियां मुख्यमंत्री को सहयोग करने के लिए की गई हैं। ये नियुक्तियां स्थायी नहीं हैं। कार्यकारी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए ये नियुक्तियां की गई हैं। इन सभी को मंत्री के समान दर्जा भी दिया गया है।
रोपड़ निवासी दिनेश चड्डा की तरफ से दाखिल जनहित याचिका में कहा गया कि कमल ओसवाल को मुख्यमंत्री का औद्योगिक सलाहकार, कमल शर्मा को राजनीतिक सलाहकार व महेश इंदर सिंह ग्रेवाल को सलाहकार व गुरचरण सिंह व बलकरण सिंह को मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किए जाने का फैसला खारिज किया जाए। याचिका में कहा गया कि ये सभी नियुक्तियां महज राजनीतिक आधार पर की गई जबकि इनके लिए कोई आवेदन नहीं मांगे गए। ऐसे में यह समानता के अधिकार की अनदेखी है जिसमें महज करीबी लोगों को ही लाभ पहुंचाने का फैसला लिया गया। ऐसे में नियुक्तियां खारिज की जाएं।
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