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पैडल मारकर थक गए तो बैटरी से चलेगी साइकिल

8 वर्ष पहले
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मोहाली। क्वेस्ट ग्रुप आफ कॉलेजिस के तीन विद्यार्थियों द्वारा प्रदूषण रहित व सस्ती दर पर मिलने वाली साइकिल का निर्माण किया है, जो न सिर्फ पैडल मारते हुए चार्ज होती है बल्कि सूर्य ऊर्जा से भी चार्ज होती है। इस संबंधी जानकारी देते हुए क्वेस्ट ग्रुप के मैकेनिकल विभाग के विद्यार्थी नरेश कुमार ने बताया कि यह साइकिल एक आम बाई साइकिल की तरह ही कार्य करती है और इसे एक आम साइकिल की तरह पैडल मारकर आसानी से चलाया जा सकता है।


नरेश ने बताया कि पैडल मारते हुए साइकिल के पहिए जब अपने डायमीटर के इर्द गिर्द घूमते हैं, तो यह साइकिल में लगी एक बैटरी को चार्ज कर देते हैं। ऐसे में जब सवार साइकिल चलाते हुए थक जाता है तो वह चार्ज हुई बैटरी से साइकिल चला सकता है। इसके साथ ही नरेश ने बताया कि इस साइकिल की बैटरी को चार्ज करने के लिए एक सोलर पैनल भी लगाया गया है, जिसकी सहायता से भी इस साइकिल को चलाया जा सकता है। इसके साथ ही साइकिल में हैड लाईट, हार्न, मोबाइल चार्जर व एफएम रेडियो रिसीवर भी लगाकर इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जबकि इसकी कीमत लगभग 10 हजार पड़ती है।

इस अवसर पर क्वेस्ट ग्रुप के मेकेनिकल विभाग के हैड इंजी. संदीप संधू ने कहा कि बेशक मार्केट में बिजली से चलने वाली साइकिल मिल जाती हैं, लेकिन उन्हें बिजली से चार्ज करने का खर्च अधिक आता है, जबकि एक बार बैटरी खत्म होने पर दोबारा चार्ज किए बिना उसे आगे चलाना संभव नहीं होता, जबकि इस साइकिल में पैडल मारकर बैटरी चार्ज करने व सूर्य ऊर्जा जैसे मुफ्त में मिलने वाले साधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे इसे दिन व रात अथवा किसी भी मौसम में चलाने में कोई दिक्कत नहीं आती। इसके साथ ही यह वातावरण प्रेमी बाई साइकिल भी बन जाती है।