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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. दयानंद वैदिक चेयर और संस्कृत डिपार्टमेंट की ओर से वीरवार को शुरू हुआ सेमिनार। इसमें यज्ञों के महत्व पर चर्चा के लिए देश भर से संस्कृत के माहिर पहुंचे हुए हैं। सेमिनार का उद्घाटन वाइस चांसलर प्रो अरुण ग्रोवर ने किया। उन्होंने कहा कि देश की प्राचीनतम भाषा में सबसे ज्यादा विज्ञान छुपा है जिसे समझने के लिए संस्कृत का विकास और संरक्षण जरूरी है। दिल्ली संस्कृत अकादमी के अध्यक्ष प्रो प्रमोद ने कहा कि जिन पर्यावरणीय समस्याओं की बात साइंटिस्ट कर रहे हैं, उनका हल हमारी संस्कृति में छुपा है। यज्ञों के जरिए ओजोन की कम होती परत को बचाना संभव है। यज्ञ संस्कृति को एक बार फिर लौटाना होगा।
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