पंचकूला। पंचकूला की स्पेशल एनआईए कोर्ट में शुक्रवार को समझौता ब्लास्ट के आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हो गए। इसमें सभी आरोपियों पर हत्या, हत्या की कोशिश करना, साजिश करना, और रेलवे एक्ट के तहत आरोप तय किए गए हैं। एनआईए कोर्ट में इस केस के लिए पिछले कई सालों से सुनवाई चल रही थी। अब कोर्ट में आईपीसी की धारा 302, 307, 120 बी, 151 रेलवे एक्ट, 3-4 एक्सपोजिव एक्ट के तहत केस चलेगा।
समझौता बलास्ट में नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी ने स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, राजेंद्र पहलवान, कमल चौहान को इस मामले में आरोपी बनाया था। असमानंद पर इनकी मदद करने का आरोप है, तो बाकी राजेंद्र पहलवान, लोकेश शर्मा और कमल चौहान ने रेल में बम लगाया था। इस बारें सुभाष शर्मा ने बताया कि ने स्वामी असीमानंद और बाकी साथियों पर धारा 302, 307, 120 बी, 151 रेलवे एक्ट, 3-4 एक्सपोजिव एक्ट के तहत केस चलेगा।
ये था मामला-
असल में वर्ष 2007 में पानीपत के पास समझौता ट्रेन में बलास्ट हुआ था।। इस ब्लास्ट में पाकिस्तान के रहने वाले दर्जनों मुस्लिमों की मौत हो गई थी। जिन दो डिब्बों में ब्लास्ट हुआ था, उनमें से एक पाकिस्तानी बिजनेमैन ही बचा था। वहीं इस मामले में पहले अमेरिका और यूके की दो इनवेस्टीगेशन एजेंसियों ने जांच की थी।
जिन्होंनें इस मामले में कई विदेशियों को आरोपी बनाया था, लेकिन इसके बाद सरकार ने मामले की जांच एनआईए को सौपी थी। जिसके बाद इस मामले में अस्सीमानंद , लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र पहलवान को पकडा गया था।
वहीं इस बारें में पहले ही अस्सीमानंद ने सारे आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंनें कहा था, कि उन्हें और उनके साथियों को साजिश के तहत फंसाया गया था।