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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. जन विरोध को देखते हुए हड़ताल स्थगित करके बातचीत करने आए कर्मचारियों को सरकार ने तीन कमेटियां बनाकर उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया है।अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने और लेबर लॉ से संबंधित मुद्दों के लिए बनाई गई कमेटियां 15 फरवरी से पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगी।उन रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों के साथ 15 फरवरी को फिर से वार्ता होगी। इस बैठक में कर्मचारियों की कुछ अन्य मांगों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
करीब ढाई घंटे तक चली बैठक के बाद मुख्य सचिव एस.सी.चौधरी ने बताया कि श्रम कानूनों, अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने और बिजली विभाग से संबंधित मांगों के संबंध में ये कमेटियां बनाई गई हैं। इनमें कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इनकी बैठक 1 फरवरी को होगी। इसके बाद ये कमेटियां जल्दी से जल्दी अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। इस बैठक में कर्मचारी तालमेल कमेटी की ओर से राजीव जौली, धर्मवीर हुड्डा, राजसिंह आंतिल, कंवर सिंह यादव, रामसिंह दहिया, अमरसिंह यादव, सुभाष लांबा, धर्मवीर फोगाट, जीवन सिंह और सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस.सी. चौधरी के साथ सीएम के प्रधान सचिव एस.एस. ढिल्लो, उप प्रधान सचिव आर.एस. दून, बिजली विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह, बिजली निगम के एमडी अनुराग अग्रवाल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
मुकदमों को वापस लिए जाने पर संशय: हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लिए जाने पर संशय बना हुआ है। सरकार का कहना है कि क्रिमिनल केस वापस नहीं लिए जाएंगे, जबकि कर्मचारी नेताओं का दावा था कि इन मुकदमों में पहले जमानत करवाई जाएगी। उसके बाद सरकार ने इन मुकदमों को वापस लिए जाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया है।
मांगें नहीं मानी, लेकिन उम्मीद है: कर्मचारी नेता राजसिंह दहिया, सुभाष लांबा और धर्मवीर फोगाट ने बताया कि सरकार से वार्ता सकारात्मक दौर में हुई है। वे अभी यह कहने की स्थिति में नहीं हैं कि उनकी कोई मांग मान ली गई है। अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, लेबर लॉ का पालन करने और बिजली विभाग से संबंधित समस्याओं पर विचार करने के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर शुक्रवार की मीटिंग में चर्चा नहीं हो सकी। इन पर अब 15 फरवरी की मीटिंग में चर्चा होगी। हड़ताल के दौरान जिन कच्चे कर्मचारियों को हटाया गया था, उन्हें दुबारा से नौकरी पर लिया जाएगा।
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