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एक्सपोजर के लिए जरूरी है जजमेंट लिखना भी सिखाएं

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. आजकल के स्टूडेंट बहुत लकी हैं क्योंकि उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर होने वाली मूट कोर्ट में पार्टिसिपेट करने का मौका मिलता है, एक्सपोजर मिलता है। हमारे टाइम में ऐसे मौके नहीं थे। सुरना एंड सुरना इंटरनेशनल अटॉर्नी और पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के लॉ डिपार्टमेंट की ओर से कराई गई नेशनल मूट कोर्ट में ये शब्द थे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ बीबी परसून के। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को इन कोर्ट में जजमेंट लिखने की ट्रेनिंग भी देनी चाहिए। 24 से 26 जनवरी तक चली मूटकोर्ट के वैलिडिटरी फंक्शन में पहुंचे थे जस्टिस जसबीर सिंह और जस्टिस हेमंत गुप्ता भी। वाइस चांसलर प्रो अरुण ग्रोवर ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने स्टूडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी टॉप रैंकिंग में स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस भी मायने रखती है। इसलिए उन्हें याद रखना चाहिए कि वह भी आने वाले समय की टॉप 200 रैंकिंग के लिए काम कर रहे हैं। डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन प्रो निष्ठा जसवाल, डीन फैकल्टी ऑफ लॉ जीके चतरथ, भावी डीन सत्य पाल जैन और प्रीतम सुरना भी इस मौके पर मौजूद रहे।