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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। भारत और इजराइल के बीच स्थापित शान्ति व मैत्री संबंधों के तहत इज़राईल रोटेरियन(रोटरी इन्टरनैशनल) डेलिगेशन ने हरियाणा के करनाल जिला में घरौण्डा स्थित इन्डो-इजराईल सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र का दौरा किया। इस प्रतिनिधि मण्डल में इजराईल मुल्क के विभिन्न रोटरी जिलों से दस सदस्य थे। इनमें मार्कजोबर,मैरिलीन,शॉल कोहन,बेला कोहन,जिपोरा,सेसन मियर,रोनित जाफरिर,टोवा यदिदिया,हबीब व लैमिस गैण्डोर शामिल थे। हरियाणा से रोटेरियन व पानीपत निवासी देवेन्द्र पी. कालड़ा डेलिगेशन में साथ थे,जिन्होंने सभी सदस्यों को सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र का भ्रमण करवाया।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डेलिगेशन मैम्बरस ने सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र में स्थापित विभिन्न सब्जियों के पोली गृहों के अन्दर जाकर वहां लगाई गई सब्जियों व उनके उत्पादन को देखा। दल में आए जैरूसलम रोटरी क्लब इजराईल के सदस्य मार्क एलन जोबर ने कहा कि भारत और इजराईल के बीच शांति व मित्रता को लेकर जो सम्बन्ध स्थापित किये गए थे, वे सफल हो रहे हंै। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि भविष्य में दोनों देशों के बीच स्थापित सम्बन्ध व तकनीक और अधिक प्रगाढ़ होगी।
दल के सदस्यों ने सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र में उगाई गई रंगीन शिमला मिर्च व टमाटर की फसल को देखा। वे इन सब्जियों की प्रति एकड़ ऊपज को देखकर प्रफुल्लित हुए और उन्होंने टमाटर की चैरी व भारतीय किस्मों को चखकर बहुत ही स्वादिष्ट बताया। उन्होंने पोली हाउस में विभिन्न सब्जियों की तैयार पौध को देखने में भी गहन रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि भारत के हरियाणा प्रदेश में सब्जी उत्पादक किसानों के लिए ,ये केन्द्र उनके उज्जवल भविष्य को दर्शाता है। क्योंकि इससे लघु व सीमांत किसान थोड़ा व्यय करके अधिक मुनाफा ले सकता है।
बता दें कि तीन वर्ष पहले इजराईल के निमंत्रण पर देश के कृषि मंत्री शरद पंवार ने इजराईल मुल्क का भ्रमण किया था और उसके बाद इजराईल ने भारत में इस तरह के प्रोजेक्ट स्थापित करने की पेशकश की थी,जिसके लिए हरियाणा को चुना गया था,तदोपरांत प्रदेश के घरौण्डा में दोनों देशों के सहयोग से सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र की स्थापना हुई।
प्रदेश में तीन साल की अवधि में भिन्न-भिन्न 2500 किसानों ने पोली हाउस स्थापित किये और वे सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उन्नत खेती को लेकर अग्रसर हंै। इस वर्ष( बीती अप्रैल से दिसम्बर तक ) प्रदेश के किसानों को 40 लाख पौध की सब्सिडी पर बिक्री की गई है जिससे प्रदेश को 2 करोड़ 21लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
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