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कैबिनेट ने दी हरियाणा रोजगार गारंटी नियम को हरी झंडी

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में आज हरियाणा ग्रामीण रोजगार गारंटी (बेरोजगारी भत्ता) नियम, 2013 को स्वीकृति प्रदान की है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने की।


इन नियमों के अनुसार मनरेगा अधिनियम, 2005 के अंतर्गत कोई व्यक्ति जो पंजीकरण एवं रोजगार रजिस्टर में पंजीकृत है तथा स्कीम के अधीन जारी किया गया जॉब कार्ड रखता है तथा जिसने रोजगार पाने के लिए आवेदन किया है तथा उसका आवेदन कार्य रजिस्टर की मांग में पंजीकृत किया गया है तो वह बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा, यदि उसे कार्य मांग की प्राप्ति पर पंद्रह दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं करवाया जाता।


बेरोजगारी भत्ता वित्तीय वर्ष के दौरान प्रथम तीस दिन के लिए विद्यमान मजदूरी दर का एक चौथाई के बराबर होगा तथा शेष अवधि के लिए विद्यमान मजदूरी दर का आधे के बराबर दर भुगतान किया जायेगा। इस प्रक्रिया में विलंब की स्थिति में व्यक्ति मुआवजे का भी हकदार होगा।


बेरोजगारी भत्ते का दावा करने वाले व्यक्ति को उस अवधि, जिसके लिए उसके द्वारा बेरोजगारी भत्ते का दावा किया गया है, के अंतिम दिन के बाद पंद्रह दिन के भीतर रोजगार प्राप्ति के लिए आवेदन के सबूत तथा अपने बैंक अकाउंट नम्बर के पूरे ब्यौरे के साथ पंचायत सचिव को आवेदन करना होगा।


बैठक में आज प्रियदर्शनी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 368.40 करोड़ रुपये का ऋण लेने के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


हरियाणा सरकार के इस निर्णय से प्रियदर्शनी आवास योजना के अंतर्गत 81,000 रुपये की दर से एक लाख लाभार्थियों तथा इंदिरा गांधी आवास योजना के अंतर्गत 11,000 रुपये की दर से 40,000 लाभार्थियों को लाभ पहुंचेगा।


बैठक में इन्दिरा गांधी सुपर थर्मल पॉवर प्लांट, झज्जर के भूमि विस्थापितों को हरियाणा बिजली निगमों में 212 पदों पर नियुक्त करने के बिजली विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि थर्मल पावर प्लांट, खेदड़ की तर्ज पर छोटू राम थर्मल पॉवर प्लांट, यमुनानगर के भूमि विस्थापितों को भी नौकरियां प्रदान की जाएंगी। इसके लिए इस नीति बनाई जाएगी। इस थर्मल प्लांट के लिए भूमि का अधिग्रहण वर्ष 1984 में हुआ था।