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कैदियों को ठंड से बचाने घरवाले नहीं दे पाएंगे कंबल

9 वर्ष पहले
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भोपाल। दिनों दिन गहराती ठंड के बाद भी अगर कोई कैदी अपने रिश्तेदारों से कंबल अथवा गर्म कपड़ा लेना चाहेगा तो निराशा ही हाथ लगेगी। जेल विभाग किसी भी रिश्तेदार या सामाजिक संस्थाओं के जरिए कैदियों को कंबल वितरण के पक्ष में नहीं है। विभाग ने उन सामाजिक संस्थाओं को दो टूक कह दिया है कि कंबल या गर्म कपड़ों का वितरण जेलों में नहीं सकेगा।


कंबल कैदियों को नहीं बांट सकेंगे : सूत्रों के अनुसार जेल विभाग को विभिन्न शहरों से जेलों में ठंड के मौसम में गर्म कपड़े एवं कंबल वितरण करने का प्रस्ताव मिले थे पर विभाग ने वितरण करने से इंकार कर दिया है।


जेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जब विभाग की और से प्रत्येक कैदी को चार कंबल दिए जा रहे है, तब किसी कैदी को अलग से कंबल की आवश्यकता नहीं होती है। विभाग का यह जरूर कहना है कि अगर कैदी कंबल के अलावा चादर की जरूरत किसी रिश्तेदार से करता है, और विधिवत आवेदन आएगा तो अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।


फिलहाल इस ठंड में किसी कैदी ने चादर की मांग अभी तक नहीं की है। विभाग के उक्त अधिकारी का कहना है कि कभी कभी कैदी को कंबल में चादर लगाकर सोने की आदत होती है ऐसे कैदियों को विभाग तो चादर उपलब्ध नहीं कराता है, पर वे रिश्तदारों से चादर ले सकता है।


बैरकों में अलाव की मंजूरी नहीं :इस बार ठंड का असर जेलों पर भी पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार भोपाल एवं इंदौर जेलों में कैदियों ने बैरकों के बाहर रात्रि में अलाव जलाने का आग्रह किया था पर इसे विभाग ने नामंजूर कर दिया है।


विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते है कि सुरक्षा की दृष्टि से बैरकों के बाहर अलाव जलाना संभव नहीं है। अगर अलाव जलेगा तो कैदियों के बीच किसी भी बात पर टकराव हो सकता है। ऐसी स्थिति में सुविधा सिर दर्द बन सकती है।


प्रति कैदी को जेल में चार कंबल मिल रहे है तब किसी भी कैदी को बाहर से कंबल लेेने की आवश्यकता नही है और न ही इसकी अनुमति दी जा सकेगी। बैरकों में अलाव जलाने की जरूरत नहीं है।

आरएस विजयवर्गीय, जेल उपमहानिरीक्षक