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डाउनलोड करेंभोपाल। बरकतउल्ला विश्व विद्यालय (बीयू) ने बेचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) के रिजल्ट में एक बार फिर नया करिश्मा कर दिखाया है। उत्तर पुस्तिकाओं का इस तरह मूल्यांकन हुआ है कि फेल होने वालों से ज्यादा संख्या सप्लीमेंट्री में आए विद्यार्थियों की हो गई है। वहीं, अनिवार्य प्रश्न पत्र नंबर 2 में तो हालात इतने बुरे हैं कि छात्र-छात्राओं के 0 से लेकर 5 तक नंबर आए हैं। उधर, बीयू प्रबंधन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है।
जनवरी के महीने में हुई परीक्षा के बाद रिजल्ट अप्रैल में दिया गया। इसके बाद रि-वेल्यूशन फार्म भरने के आखिरी दिन तो हद हो गई। जब लाइन में लगे विद्यार्थियों से पूछा गया तो 90 फीसदी से ज्यादा संख्या बीएड वाले विद्यार्थियों की थी। इतना ही नहीं 4, 5 व 6वें पर्चे में भी कई विद्यार्थियों के संतोषजनक नंबर नहीं आए।
150 से ज्यादा संख्या: जब बीएड के फेल हुए और सप्लीमेंट्री वाले छात्र-छात्राओं का आकलन किया गया तो यह संख्या 150 से ज्यादा निकली। इसका आशय है कि फेल विद्यार्थियों के मुकाबले 153 छात्र-छात्राओं की सप्लीमेंट्री ज्यादा आई है। अधिकतर रिजल्ट में फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होती रही है।
एक संस्था विशेष के शिक्षकों की कारगुजारी: बीयू सूत्रों का कहना है कि एक शिक्षण संस्थान विशेष के शिक्षकों ने जिन पर्चों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया है, उनमें ही ऐसे हालात बनेे हैं। पूर्व में भी ऐसा रिजल्ट दिए जाने व संबंधित शिक्षण संस्थान के शिक्षकों द्वारा पूर्वाग्रह से कॉपियां जांचने के मामले बीयू में सामने आ चुके हैं।
फैक्ट फाइल
बीयू के बीएड का मामला
कुल विद्यार्थी जिन्होंने परीक्षा दी- 8 हजार 288
पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या- 6 हजार 482
फेल होने वाले छात्र-छात्राएं- 1 हजार 164
सप्लीमेंट्री की पात्रता मिली- 1 हजार 317
वे विद्यार्थी जिनका रिजल्ट रोका गया- 25
स्रोत: सप्लीमेंट्री की पात्रता दो विषयों में रहती है।
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