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राहुल गांधी को अखबार बेचने वाले कौशल को प्रदेश कांग्रेस ने गोद लिया

8 वर्ष पहले
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25 अप्रैल को जब राहुल गांधी भोपाल आए थे, तब रोशनपुरा चौराहे पर इसी कौशल ने उन्हें अखबार बेचा था। बस फिर क्या, राहुल ने उस बच्चे को गोद लेने की घोषणा कर दी थी। पढिय़े पूरा घटनाक्रम...
भोपाल। 25 अप्रैल को भोपाल आए कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अखबार बेचने के बाद सुर्ख़ियों में आए बालक कौशल को कांग्रेस ने गोद लिया है। उसकी पढ़ाई के लिए हर माह एक हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उसके पिता दुलीचंद शाक्य को एक निजी कॉलेज में भृत्य की नौकरी दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने राहुल गांधी के दौरे के बाद मई में उसके पिता को पार्टी कार्यालय बुलाया था। राहुल जब भोपाल आए थे, तब उन्होंने अखबार लेने के बाद कौशल को एक हजार रुपए का नोट दिया था। खुल्ले पैसे नहीं होने के कारण कौशल ने न केवल रुपया लौटा दिया, बल्कि अखबार भी मुफ्त में दे दिया। यही बात राहुल के मन में घर कर गई थी।
भास्कर ने की थी पहल
राहुल गांधी 25 अप्रैल को भोपाल आए थे। जब वे पीसीसी में बैठक लेने के बाद एयरपोर्ट जाने के लिए गाड़ी में बैठे, तभी हाथ में अखबार लिए कौशल उनके करीब पहुंच गया। राहुल के पूछने पर उसने बताया था कि वह स्कूल नहीं जाता है। तब राहुल ने उसे स्कूल जाने की सलाह देकर दिल्ली रवाना हो गए थे। लेकिन बाद में किसी ने भी कौशल की सुध नहीं ली। तब 'दैनिक भास्कर' ने कौशल की तलाश कर 7 मई को 'राहुल से बात के बाद भी नहीं बदले बच्चे के हालातÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। तब कौशल की आवाज मप्र से लेकर दिल्ली तक पहुंची और राहुल के निदेज़्श पर हाईकमान ने इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद कांग्रेस ने कौशल व उसके परिवार को आथिज़्क मदद देने की घोषणा की।
नेता नहीं, डॉक्टर बनना चाहता है कौशल
कौशल ने बेबाकी से कहा था- बड़ा होकर नेता नहीं, बल्कि पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहता हूं। इस पर भूरिया ने कहा कि खूब पढ़ो, डॉक्टर बन जाओगे तो राहुल गांधी से मिलवाएंगे। बाद में उनकी टीम में शामिल हो जाना।
आगे की स्लाइड्स पर पढ़े क्या हुआ था कौशल के साथ 25 अप्रैल को ...