भोपाल। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर ए स्थित ट्विटर्स एंड विवर्स कंपनी में वन विभाग ने रविवार के दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ट्रक अवैध चंदन की लकड़ी बरामद की। जिसकी कीमत पचास लाख से एक करोड़ रुपए आंकी जा रही है। विभाग ने बेशकीमती इस लकड़ी को जब्त कर चिकलोद डिपों में सुरक्षित रख दिया है। विभाग चंदन चोरों के खिलाफ आईएफए के तहत कार्रवाई करेगा।
विभागीय अमले ने मौके से माल के साथ एक ट्रक जब्त किया है, लेकिन उसके हाथ आरोपी नहीं आ सके। अधिकारी ट्विटर्स एंड विवर्स कंपनी के मालिक मुफीज उद्दीन से कड़ी पूछताछ कर रही है। जिसने अपना गोदाम चंदन चोरों को किराए पर दिया था। वन विभाग के अमले ने रविवार को सुबह आठ बजे औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेक्टर ए प्लॉट नंबर ९१ में दलिया बनाने वाली उक्त कंपनी अवैध रूप से आठ से दस टन चंदन की बहुमूल्य लकड़ी जब्त की। बताया जाता है कि यह कंपनी पिछले छ: माह से बंद बड़ी है। कंपनी मालिक मुफीज उद्दीन ने बताया कि पांच माह पहले चैन्नई के एक शख्स को १८ हजार रुपए प्रतिमाह से किराए पर गोदाम दिया था। मुफीज का कहना है कि चावल के व्यवसाय के लिए गोदाम किराए पर दिया था। हैरत की बात तो यह है कि मुफीज ने इसके लिए न तो अनुबंध किया और न ही उसका नाम पता व मोबाइल नंबर लिया।
फल के ट्रक में लाते थे चंदन- छापामार कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे एसडीओ वीके जैन ने बताया कि आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए ट्रक में नीचे चंदन की लकड़ी और उसके ऊपर मौसमी फल लोड करते थे। ताकि किसी को चंदन की चोरी और अवैध परिवहन की शंका न हो। यह कार्य अरुएण नाम का ड्रायवर करता था।
पहले रेकी फिर कार्रवाई-वन विभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम देने से पहले काफी सतर्कता बरती। विभाग के चार जवानों ने रात दो बजे से गोदाम की रेकी की। मुखबिर द्वारा दी गई खूफिया सूचना पर तसल्ली होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर सुबह आठ बजे दबिश देकर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान अमले ने मौके से चंदन की कीमती लकडिय़ों से भरा ट्रक एवं गोदाम से भारी मात्रा में लकड़ी जब्त की। इसे जब्त कर वजन कराने के बाद विभाग के चिकलोद स्थित डिपो में सुरक्षित रखा गया है।
दक्षिण से उत्तर तक फैला चंदन का अवैध कारोबार-विभागीय अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण भारत के तमिलनाडू, चैन्नई एवं कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर चंदन की तस्करी की जा रही है। इसके तार वहां से जुड़े हो सकते हैं। बताया जाता है कि चंदन की लकड़ी मैसूर महाराष्ट्र से लाई गई थीं। यहां इनकी कटाई छटाई कर इन्हें उत्तर भारत के दिल्ली लखनऊ कन्नौज समेत अन्य शहरों में बेचा जाता था।