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डाउनलोड करेंभोपाल। महिला एवं बाल विकास, महिला हेल्प लाइन और बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सुबह से 265 फोन पहुंच चुके है कि सामूहिक विवाह में नाबालिग लड़की का विवाह किया जा रहा। फोन पर मिली सूचना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र की टीम ने जब मौके का मुआयना किया तो पता चला कि विवाह करने वाला जोड़ा नाबालिग नहीं बल्कि बालिग निकला।
महिला एवं बाल विकास की जिला कार्यक्रम अधिकारी नकी जहां कुरैशी ने बताया कि जमूरी मैदान में चार नाबालिग होने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि मौके पर जब एसडीएम, पुलिस और महिला एवं बाल विकास अधिकारी पहुंचे तो उन्हें दस्तावेज देखने नहीं मिले। इस पर एसडीएम ने चारों लड़कियों की शादी रोकने के आदेश दिए।
इसके बाद महिला एवं बाल विकास की जिला परियोजना अधिकारी मोहनी जाधव ने लड़कियों के परिजनों के साथ जा कर नगर निगम में दिए गए दस्तावेजों की जांच की तो सभी लड़कियां बालिग निकली। जांच पूरी होने के बाद ही चारों लड़कियों की शादी हो सकी। वहीं महिला हेल्प लाइन और बाल आयोग को पूरे प्रदेश से 260 शिकायत बाल विवाह होने की मिली आयोग के अलावा महिला हेल्प लाइन ने मौके पर टीम भेजकर बालविवाह के संबंध में जांच की इसमें से बाल आयोग ने 102 बाल विवाह रुकवाए। इसमें से सबसे ज्यादा बाल विवाह नीमच, उज्जैन में रोके गए हैं। बाल आयोग की अध्यक्ष उषा चतुर्वेदी का कहना है कि बाल विवाह के संबंध में परिजन विवाह न करने पर तैयार हो गए इसलिए किसी भी मामले में पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।
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