--Advertisement--

बस काम करते-करते सीखता चला गया

बस काम करते-करते सीखता चला गया

Dainik Bhaskar

Jun 21, 2013, 01:32 PM IST
बस काम करते-करते सीखता चला गया

भोपाल। आपने तमाम फिल्में देखी होंगी, उनकी कहानी, कलाकारों का अभिनय और मधुर संगीत आप कभी नहीं भूलते होंगे! हां, इस बीच एक चीज और याद कीजिए, फिल्म में दिखाए जाने वो बैकड्राप यानी सेट।



बॉक्स आफिस पर फिल्मों की सफलता में सेट के योगदान का भी एक बड़ा प्रतिशत शामिल होता है। फिल्म कैसी भी हो, कहीं भी फिल्माई गई हो, इंडोर हो या आउटडोर; उसमें कहीं न कहीं सेट का इस्तेमाल जरूर होता है। खासकर विशेष पृष्ठभूमि, सब्जेक्ट आधारित अथवा ऐतिहासिक संदर्भों पर रची गईं फिल्मों की कल्पना तो बगैर सेट के की ही नहीं जा सकती।


सेट की यह कल्पना साकार करते हैं आर्ट डायरेक्टर। तारिक उमर खान हिंदी सिनेमा में ऐसे ही आर्ट डायरेक्टर हैं, जिन्होंने बड़े बजट की फिल्मों को भव्यता प्रदान की। रांझणा इन्ही में से एक है। साउथ के सुपर स्टार धनुष और चुलबुली सोनम कपूर के अभिनय से सजी इस फिल्म की पृष्ठभूमि बनारस है, तो विषय दो धर्मो के बीच पनपा प्रेम।

जानिए रांझणा को अपनी कला के जरिये यादगार सेट देने वाले तारिक उमर खान के बारे में, एक
बातचीत...



X
बस काम करते-करते सीखता चला गया
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..