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सफल मीडियाकर्मी बनने के लिये जिद और जुनून होना जरूरी- अजीत अंजुम

8 वर्ष पहले
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भोपाल। सफल मीडियाकर्मी बनने के लिये जिद और जुनून होना जरूरी है। मीडिया के क्षेत्र में सफलता के लिये जरूरी है कि युवा सपने देखे और उन सपनों का पीछा करे। मीडिया के क्षेत्र में प्रवेश कर रहा प्रत्येक युवा आदर्श मीडियाकर्मी की छवि गढ़ता है और उसे तराशता है। आज के बदलते मीडिया स्वरूप में युवाओं को चाहिए कि अपने मन मस्तिष्क में बनीं आदर्श मीडियाकर्मी की छवि को अपने आप में उतारने के लिये हर संभव प्रयास करे। और इसके लिये जरूरी है कि उसके अंदर जिद और जुनून का भाव पैदा करे।



यह विचार न्यूज 24 के प्रबंध सम्पादक अजीत अंजुम ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में नवागत विद्यार्थियों के लिये आयोजित सत्रारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन व्यक्त किये।


इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार और जी न्यूज की इनपुट एडीटर सीमा गुप्ता ने कहा कि आदर्श मीडियाकर्मी वह है जो सच को अच्छे तरीके से सामने रखे। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में सफलता का पहला कदम लेखन कौशल में महारत हासिल करना है। अच्छे लेखन के साथ-साथ ज्ञान वृद्धि के लिये विभिन्न विषयों में लिखे गये अच्छे साहित्य का अध्ययन भी आवश्यक है।


कार्यक्रम में पधारे राष्ट्रीय सहारा रोजनामा उर्दू दैनिक दिल्ली के सम्पादक असद रजा ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में सफलता के लिये सबसे जरूरी लेखन कौशल विकसित करना, अध्ययनशील होना एवं तकनीक का जानकार होना है।
मध्यप्रदेश जनसंपर्क के अपर सचिव लाजपत आहूजा ने मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, मध्यप्रदेश शासन की विकास योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों को दी।


वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विविधताओं वाला प्रदेश है। मध्यप्रदेश में प्राचीन काल के शिलालेख, मंदिर, जीवाश्म, विज्ञान एवं तकनीक केंद्र हैं, जो इस प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के परिचायक हैं।

समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यसभा सदस्य अनिल माधव दवे ने मीडिया और पर्यावरण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि मीडिया के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले प्रत्येक युवा को किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना जरूरी है।


मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रख्यात फिल्मकार अशोक मिश्र ने कहा कि छोटे शहरों में सिनेमा निर्माण की असीम संभावनाएं हैं।


सत्रारंभ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला ने सत्र विश्वविद्यालय शैक्षणिक योजनाओं पर प्रकाश डाला।