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डाउनलोड करेंहिंदी के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने के लिए भेल ने 1 नवंबर 1986 को हिंदी ज्ञान मंदिर पुस्तकालय की स्थापना की। 28 साल पहले चंद किताबों से शुरू हुआ यह पुस्तकालय बढ़ता हुआ अब 16864 किताबों का संग्रहालय बन गया है। इन किताबो में सलमान रुश्दी और तसलीमा नसरीन जैसे लेखकों की किताबों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जो पिछले कुछ दिनों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी समय से चर्चा में हैं।
भोपाल।वाचनालय के प्रभारी एचजी माणिक के अनुसार पाठकों की पसंद के अनुसार ही किताबों का चयन किया जाता है। इस पसंद के आधार पर ही हर साल करीब सवा लाख रुपए की किताबें खरीदी जा रही हैं। इनमें सलमान रुश्दी और तसलीमा नसरीन की किताबें शामिल हैं। इसके अलावा डा. ज्ञान चतुर्वेदी के व्यंग्य व ओशो गीता सहित सभी प्रमुख लेखकों की किताबें वाचनालय में रखी गई हैं।
वाचनालय में सलमान रुश्दी की किताब
यह हैं तसलीमा नसरीन की किताबें
वाचनालय में यह है परेशानी
वाचनालय में किताबों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इन किताबों को रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सर्दी के मौसम में रेंक के ऊपर रखी हुई कई किताबों के कवर नमी के कारण खराब हो गए हैं। सभी सदस्य एक साथ अगर वाचनालय आ जाएं तो बैठने के लिए जगह नहीं हैं। सिर्फ 30 या 40 लोग ही बैठकर किताब या पत्र पत्रिका पढ़ सकते हैं।
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