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मैं दिग्गी का घोर विरोधी, उन्होंने कई परिवार तोड़े, गांधी परिवार इस बात को समझे!

8 वर्ष पहले
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प्रदेश कांग्रेस के सचिव जगदीश यादव को मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को 'अशुभ व्यक्ति' कहने का खामियाजा भुगतना पड़ गया है। उन्हें शनिवार को निलंबित कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बीच दिग्विजय सिंह ने अरुण यादव को खत लिखकर जगदीश यादव को माफ करने का अनुरोध किया है।



भोपाल। मध्यप्रदेश पर 10 वर्ष तक शासन करने वाले दिग्विजय सिंह पर टीका-टिप्पणी करने वाले प्रदेश सचिव जगदीश यादव को आनन-फानन में पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यादव ने अपने निलंबन को अन्याय करार देते हुए अपनी पार्टी की अंतरकलह और गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है। यादव ने तल्ख प्रतिक्रिया दी है-' जब इस देश में कसाब जैसे आतंकवादी को अपनी बात कहने का मौका मिला, तो फिर मुझे क्यों नहीं?' उन्होंने दिग्गी पर कई राजनीतिक परिवारों को तोडऩे का आरोप भी लगाया है।

हालांकि उधर, इस राजनीतिक ड्रामे में एक नया अध्याय भी जुड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को पत्र लिखकर जगदीश यादव का निंलबन वापस लेने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि यादव पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं। उनके बयान से उन्हें कोई पीड़ा नहीं पहुंची। लिहाजा उन्हें माफ कर दिया जाए।


यह और बात है कि इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि अरुण यादव को यह फैसला मजबूरी में लेना पड़ा। दरअसल, उनकी अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस की शुक्रवार को पहली बैठक थी, जिसमें यह सारा ड्रामा क्रियेट हुआ। जगदीश यादव को अरुण यादव का करीबी माना जाता है। लेकिन अपने शुभचिंतक को उसकी अशुभवाणी के चलते बलि चढ़ाना अरुण की मजबूरी थी, क्योंकि उन्हें लगा कि जो व्यक्ति दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेता पर आरोप लगा सकता है, वो आगे चलकर कांग्रेस के लिए परेशानी ही खड़ी करेगा। अरुण यादव स्वयं लोकसभा चुनाव को लेकर टेंशन में हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।


मैंने ऐसा क्या कर दिया?
दैनिक भास्कर डॉट कॉम से चर्चा करते हुए प्रदेश सचिव जगदीश यादव ने कभी तल्ख, तो कभी मायूसीभरे शब्दों में कहा-जब इस देश में कसाब जैसे आतंकवादी को अपनी बात कहने का मौका मिल सकता है, तो मैंने ऐसा क्या कर दिया, जो निलंबन से पहले मुझसे एक बार पूछा तक नहीं गया?


हालांकि पहले तो उन्होंने दिग्विजय सिंह को अशुभ व्यक्ति कहने के विवादास्पद बयान पर सफाई देने से मना किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अंदर क्या हुआ, उसे मैं सार्वजनिक नहीं कर सकता। हालांकि बाद में उन्होंने यह अवश्य जोड़ा कि उन्होंने मीडिया से दिग्विजय सिंह के प्रश्न पर सिर्फ इतना कहा था कि शुभ दिन अशुभ बातें न करें।

(दिग्विजय सिंह के अलावा सभी तस्वीरें बैठक की)

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