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डाउनलोड करेंअगर पिता ने मुझे अपने संगीत के आकाश के तले न लिया होता तो मैं पद्मश्री या पद्मभूषण के बारे में सोच भी नहीं सकता था। यह कहना है, चेन्नई में रहने वाले चतुर घटम समर्पणम वादक विक्कू विनायकरम का। साल 2002 में पद्मश्री और हाल में ही उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा गणतंत्र दिवस पर की गई।
भोपाल। 73 वर्षीय विक्कू अपने पिता टीआर हरिहरन शर्मा के 60 साल पहले लिए निर्णय को याद करते हुए बताते हैं, मैं स्कूल में पढ़ाई कर रहा था और संगीत की शिक्षा भी ले रहा था, लेकिन लगातार स्कूल में मेरा प्रदर्शन गिरता जा रहा था। मेरे पिता ने कहा कि तुम्हें आगे पढऩे की बजाए संगीत में ही अपना जीवन तलाशना चाहिए क्योंकि तुम इसमें बहुत बेहतर हो। मैंने भी बिना किसी विरोध के पिताजी के निर्णय का स्वीकार किया क्योंकि मैं भी संगीत के प्रति गहरा लगाव रखता था। लेकिन रास्ता बहुत आसान नहीं था।
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