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गुड न्यूज: अगर एजेंट ने बातों में उलझाकर पॉलिसी पर दस्तखत कराएं हैं, तो घबराएं नहीं!

8 वर्ष पहले
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भोपाल। बीमा पॉलिसी के दस्तावेज में ग्राहक के हस्ताक्षरों का यह मतलब नहीं है कि वह सभी नियम और शर्तों से पूरी तरह अवगत है। इस आधार पर उसे कोई भी अव्यवहारिक बीमा उत्पाद नहीं बेचा जा सकता।बीमा पॉलिसी लेने वाले की आय और उसकी प्रीमियम चुकाने की क्षमता का भी ध्यान रखना चाहिए। बीमा लोकपाल आरके श्रीवास्तव ने इस आधार पर निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी बजाज एलियांज को निर्देश दिए हैं कि वह सात साल पहले 15 लोगों को बेची गई पॉलिसी रद्द करके उनसे लिया गया फर्स्ट प्रीमियम लौटा दे।


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