भोपाल/टीकमगढ़। छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तर्ज पर मप्र के पृथ्वीपुर के बंजारीपुरा ग्राम की महिलाओं ने आपसी सूझबूझ से गेंहू संग्रह केंद्र 'ग्रेन बैंक' खोला है। यहां पर एक समूह की 20 महिलाएं माह के हर तीसरे बुधवार को बैठक करती हैं और अपने साथ एक बड़ा गिलास गेंहू लेकर आती हैं। सभी महिलाएं गेंहू का स्टोरेज करके उसे अपने पास रखती हैं और तंगी से जूझने वाले सदस्यों को उधार दे देती हैं। बाद में वह सदस्य समूह को रुपए या फिर अनाज लौटा देता है।
इस तरह करतीं है मदद
महिलाओं ने यह कदम मप्र महिला एवं वित्त विकास निगम की ओर से संचालित 'तेजस्वनी' कार्यक्रम से प्रेरित होकर उठाया है। मप्र में यह अपने आप में एक अनूठी पहल है। दरअसल मप्र में पीडीएस के तहत गरीबों को अनाज देने की योजना भले ही चला रही है, मगर जब इसका फायदा नहीं मिला तो महिलाओं ने खुद ही 'ग्रेन बैंक' की स्थापना कर ली। इससे महिलाओं को दो तरह के लाभ हो रहे हैं। पहला, जिन महिलाओं के पास आर्थिक संकट होता है, उन्हें गेंहू बेचकर राशि उपलब्ध करा दी जाती है। दूसरा, जिनके पास अनाज का टोटा होता है, उन्हें अनाज दे दिया जाता है।
उधार देती हैं गेंहू
समिति की 20 सदस्यीय महिलाएं अब तक बड़े स्तर पर गेंहू का संग्रह कर चुकी हैं। समूह की सदस्य खिलनबाई ने बताया कि 'ग्रेन बैंक' के माध्यम से औसतन 5 से 10 क्विंटल से अधिक गेंहू का स्टाक रहता है। जब भी किसी समूह सदस्य को परेशानी होती है। वे तत्काल गेंहू उपलब्ध करा देते हैं। इसके अलावा गेंहू बेचकर भी राशि उपलब्ध करा दी जाती है। बाद में संबंधित सदस्य राशि वापस कर देता है। जिससे समूह की आय में बढ़ोत्तरी होती है।
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