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रोज मिले पानी और हटे अतिक्रमण

7 वर्ष पहले
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(PIC: आयोजन में अपनी बात रखते रहवासी।)
भोपाल। पुराने शहर का उत्तर दिशा की ओर विस्तार होने बाद अस्तित्व में आए क्षेत्रों में न तो नर्मदा से और न ही कोलार प्रोजेक्ट से पानी मिल पाता है। बड़े तालाब से पानी की सप्लाई का नेटवर्क कमजोर है। इसलिए अधिकांश इलाका भूजल पर निर्भर है, यह भी प्रदूषित हो चुका है। दैनिक भास्कर द्वारा 'स्मार्ट वार्ड- स्मार्ट सिटी' विषय पर बुधवार को वार्ड 9, 10, 11 और 12 के लिए आयोजित रूबरू कार्यक्रम में ऐसे ही कई सुझाव लोगों ने दिए।

लोगों ने कहा कि, सीवेज नेटवर्क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल रही है। इसलिए सबसे पहले यहां वाटर और सीवेज नेटवर्क बनाया जाना चाहिए। फिर खाली जमीन का उपयोग पब्लिक फैसिलिटी जैसे कि खेल मैदान, लाइब्रेरी, मल्टीलेवल पार्किंग और हेल्थ सेंटर आदि बनाना चाहिए। लोगों को रोज पानी मिलना चाहिए और अतिक्रमण हटाकर पुराने शहर की खाली जमीन पर नए सिरे से री-डेवलपमेंट प्लान लागू किया जाए। इसके लिए नए और पुराने शहर के बीच भेदभाव खत्म करना चाहिए। ऐसा करने पर पूरे शहर को स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जा सकता है।

लोगों ने डीआईजी बंगला चौराहा स्थित चांदनी गार्डन में लोगों ने अपने-अपने वार्ड की मुख्य समस्या को आगामी नगरीय निकाय चुनाव के एजेंडे में शामिल करने की बात कही। उन्होंने विकास को तरजीह दी, लेकिन पुराने शहर के साथ हो रहे भेदभाव के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। अतिक्रमण अौर सफाई पर खासा जोर रहा। लोग विकास कार्यों में अफसरों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी भी तय करना चाहते थे।

इस मौके पर वार्ड 10 के पार्षद सुधीर गुप्ता, वार्ड 11 के पार्षद मनोज मालवीय और वार्ड 12 के पार्षद शफीक खान मौजूद थे। तीनों पार्षदों ने भी अपने अहम सुझाव दिए। उन्होंने कार्यक्रम में आय सुझावों को चुनाव घोषणा-पत्र में शामिल करने की बात कही।
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