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मप्र के मुख्यमंत्री निवास को कफन ओढ़कर लेट गईं महिलाएं, पढिए पूरा माजरा...

7 वर्ष पहले
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यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल कम्पनियों के पीड़ितों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास के बाहर हैरान कर देने वाला प्रदर्शन किया। वे कफन पहनकर लेट गए और खुद को जंजीरों में जकड़ लिया।

भोपाल। गुरुवार दोपहर को भोपाल गैस कांड के पीड़ित, यूनियन कार्बाइड कारख़ाने के पड़ोस के रहवासी और उनके समर्थकों ने पर्याप्त मुआवजे और कारखाने की प्रदूषित जमीन विषमुक्त करने की मांग को लेकर खुद को ज़ंजीरों में जकड़कर मुख्यमंत्री निवास स्थल के साथ तालों से बंद कर लिया। वे कफन पहनकर भी लेट गए।

यह है आरोप...
यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल कम्पनियों के पीड़ितों के प्रति प्रदेश सरकार उसकी संवैधानिक ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाने के लिए प्रदर्शनकारी कफ़न ओढ़कर मुख्यमंत्री निवास के सामने लेटे और सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए।

इस विरोध कार्यक्रम का संयुक्त नेतृत्व करने वाले पांच पीड़ितों और उनके समर्थकों के संगठनों ने बताया कि यह गैस काण्ड की 30वीं बरसी के सम्बन्ध में होने वाले मुहिम का हिस्सा है, जिसकी घोषणा उन्होंने हाल में ही की थी।

संगठनों ने प्रदेश सरकार से यह मांग की कि वह अतिरिक्त मुआवज़े के लिए दायर सुधार याचिका में मृतकों व बीमारों के आंकड़ों में सुधार करें और इस सुधार याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए कदम उठाए।

उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार अमेरिका संघीय अदालत में प्रदूषित क्षेत्र को विषमुक्त करने के उद्देश्य के साथ जारी अदालती कार्यवाही में प्रदेश सरकार हस्तक्षेप करे।

मोर्चा ने कहा कि, अमेरिकी अदालत ने मध्यप्रदेश सरकार को मामले में हाज़िर होकर सभी तथ्य पेश करने के लिए नोटिस भी भेजा है, पर आज तक सरकार ने उस पर न कोई फ़ैसला लिया है और न ही कोई कदम उठाया है। कारख़ाने और ज़हरीले तालाबों की ज़मीन की सफ़ाई सबसे पहले होनी है और उस ज़मीन के मालिक होने के नाते प्रदेश सरकार को इस मामले में तुरंत शामिल होना चाहिए।

संगठनों ने सही मुआवज़े से वंचित करने और स्थानीय मिट्टी और पानी में घुले ज़हर की सफ़ाई करने के प्रति लापरवाही के लिए केंद्र सरकार को भी ज़िम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि ज़हरीली गैस और प्रदूषित भूजल के पीड़ित अब केंद्र सरकार को जगाने के लिए निर्जला अनशन करेंगे।

संगठनों के एक प्रतिनिधि मंडल ने हाल में भोपाल गैस काण्ड के प्रभारी रसायन एवं उर्वरक मंत्री से भेंट की है। उन्होंने अपनी दो मांगों पर निर्जला अनशन करने की सूचना प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को भेज दी है।


प्रदेश सरकार ने सुधार याचिका के अलावा अपने सभी दस्तावेज़ों में गैस काण्ड की वजह से 15, 348 मौतों का आंकड़ा दर्ज़ किया है। लेकिन, सुधार याचिका में सरकार कहती हैं कि सिर्फ 5,295 लोग ही मारे गए हैं। इस कार्यवाही के ज़रिये हम मुख्यमंत्री को हर गैस पीड़ित को 5 लाख़ रूपए मुआवज़े में देने के 3 साल पुराने वादे पर कार्यवाही के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।
बालकृष्ण नामदेव,भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष


यूनियन कार्बाइड कारख़ाने के आस-पास की 17 बस्तियों के रहवासियों के स्थानीय मिट्टी और भूजल को विषमुक्त करने की मांग को लेकर अमेरिका कंपनी के ख़िलाफ़ मामला न्यूयॉर्क की एक ज़िला अदालत में जारी है।
सतीनाथ षडंगी, भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन
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