भोपाल। संस्कार वैली स्कूल में शुरू हुए 'द राउंड स्क्वॉयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लेने आए एक्टर
आमिर खान का स्टूडेंट्स ने बड़ा ही वार्म वेलकम किया। कांफ्रेंस का शुभारंभ करने आमिर जैसे ही हॉल में पहुंचे बैक ग्राउंड में जय हो.. का म्यूजिक बजाया गया। म्यूजिक सुनते ही आमिर के चेहरे पर स्माइल आ गई और उन्होंने हाथ उठाकर हॉल में बैठे लोगों का अभिवादन किया। कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने आमिर से करियर और पढ़ाई से जुड़े कई सवाल भी किए, जिसके जवाब उन्होंने दिए।
शांति और सौहार्द्र थीम पर है कॉन्फ्रेंस
द संस्कार वैली स्कूल में रविवार से शुरू हुए राउंड स्क्वॉयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस-2014 की इस बार की थीम 'शांति और सौहार्द्र से जिंदगी जीना सीखें' रखी गई है। इसकी थीम लाइन 'वी मे नॉट हैव इट ऑल टुगेदर... बट टुगेदर वी हैव इट ऑल' है।
दीप जलाकर आमिर ने की कार्यक्रम की शुरुआत
जय हो.. और वंदेमातरम्.. गाने के साथ स्टूडेंट्स ने
आमिर खान का कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वागत किया। इसके बाद आमिर ने भी दीप जलाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इसी के साथ स्टूडेंट्स ने गणेश वंदना पर आकर्षक प्रस्तुति दी। इनॉग्रेशन के बाद अन्य देशों से आए बच्चों ने अपने-अपने स्कूल की प्रजेंटेशन दी।
आमिर पर बनाई डाक्यूमेंट्री दिखाई गई
गणेश वंदना के बाद आमिर खान के व्यक्तित्व और कर्तव्य पर स्कूल द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। इस दौरान बैकग्राउंड में सत्यमेव जयते का टायटल ट्रैक प्ले किया गया। इस बाद स्टेज पर आए आमिर खान ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अपने बचपन और करियर के बारे में बताया।
मैं एक एवरेज स्टूडेंट था स्कूल में
आमिर खान ने बच्चों को शांति रखने और सोशल होने का मैसेज देते हुए कहा कि मैं स्कूल में बहुत ही एवरेज स्टूडेंट्स था। पढ़ाई में मेरा बहुत मन नहीं लगता था। 12वीं क्लास के बाद मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी। हां, लेकिन मैंने सीखना और नॉलेज लेना कभी बंद नहीं किया। पढ़ाई छोड़ने के मेरे इस फैसले के बारे में जब मेरे परिवार को पता चला तो सभी ने मुझे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैं अपने फैसले पर डटा रहा। धीरे-धीरे घर के लोगों नेमुझ पर दबाव बनाना कम कर दिया। उस वक्त से लेकर आज तक मैं सीखता आ रहा हूं और नॉलेज लेता रहता हूं।
लाइफ में लिए कई बोल्ड डिसिजन
आमिर ने बताया कि मैंने लाइफ में कई बोल्ड डिसिजन लिए है। कभी अपनी पढ़ाई को लेकर तो कभी करियर को लेकर। बात उस वक्त की है जब मेरे पास करने के लिए कोई फिल्म नहीं थी और मैं बिल्कुल खाली बैठा हुआ था। तभी, मुझे महेश भट्ट जी ने एक फिल्म ऑफर की। मैं खुश हुआ और मैंने फिल्म की कहानी पढ़ी, लेकिन मुझे वह पसंद नहीं आई। उस वक्त मैंने महेश जी की फिल्म करने से इनकार कर दिया था। उसके बाद से ही मेरे करियर में टर्निंग प्वाइंट आया। अब मुझे ऐसा लगता है कि उस वक्त यदि मैं महेश भट्ट की फिल्म के लिए इनकार न करता तो आज यहां न होता।
मुझ पर मेरी मां का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा हैं
चर्चा के दौरान आमिर ने कहा कि अपनी लाइफ में हम किसी न किसी से प्रभावित जरूर होते हैं। मेरे जीवन पर मेरी मां का बहुत प्रभाव रहा है। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। मैं अक्सर मन की खुशी के लिए काम करता हूं। मैं स्टूडेंट्स से भी यही कहना चाहता हूं कि आप सभी भी अपनी खुशी के लिए काम करें। जो काम मन को खुशी न दें उसे बेमन से न करें।
मनोरंजन ऐसा हो जो समाज में बदलाव लाए
अपने टीवी कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, मनोरंजन सिर्फ देखने के लिए नहीं होना चाहिए। मनोरंजन ऐसा हो जिससे इंसान कुछ सीखे और उसके जीवन में कुछ बदलाव आए। ‘सत्यमेव जयते’ से मैंने भी काफी कुछ सीखा है। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिससे समाज में काफी कुछ बदला है और आगे भी बदलेगा। मैं खुश हूं कि मैं इस कार्यक्रम का हिस्सा हूं। इस कार्यक्रम को देखने के बाद देश के कई राज्यों की सरकार ने अपने कानून में भी बदलाव किए है।
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फोटो- शान बहादुर।
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