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महिला सुरक्षा

7 वर्ष पहले
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भोपाल। दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी में काम करनी वाली महिला के साथ कैब में रेप के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि टैक्सी सेवा को सही तरीके से चलाने के लिए क्या तरीके अपनाएं जाएं? रात में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए भोपाल में कैब सिस्टम किस तरीके से काम कर रहा है? इसकी हमने की पड़ताल।
लोकेशन की जानकारी देती रहती हूं
बीएसएसी इन इलेक्ट्रोनिक मीडिया की स्टूडेंट प्रियंका पांडे बताती हैं, 'मैं पटना की रहने वाली हूं और भोपाल से ग्रेजुएशन कर रही हूं। अक्सर मेरा शहर से बाहर आना-जाना लगा रहता है, इसलिए मैं अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करती। जब भी मैं कहीं आने-जाने के लिए टैक्सी या ऑटो बुक करती हूं, घरवालों को और दोस्तों को इसकी जानकारी दे देती हूं। इसके साथ ही मैं हर थोड़ी-थोड़ी देर में कॉल करके अपने दोस्तों और घरवालों को अपनी लोकेशन देती रहती हूं।'
भोपाल में क्या मापदंड हैं रेडियो कैब में सुरक्षा के
भोपाल में 30 अगस्त 2014 से भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड बीसीएलएल रेडियो कैब सेवा शुरू हुई है, जिसका कॉल नंबर 6666666 है। इस सेवा के तहत के 100 डिजायर टैक्सी चल रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें ड्राइवर सीट के पीछे ड्राइवर का नाम, फोटो, लाइसेंस नंबर और गाड़ी नंबर और हेल्पलाइन नंबर लिखा होता है। इसे यात्री को नोट कर लेना चाहिए, जिससे कि किसी की घटना के समय तुरंत मदद ली जा सके।

पुलिस वेरीफिकेशन होता है
बीसीएलएल की रेडियो कैब में ऑपरेटर के वेरीफिकेशन के अलावा बीसीएलएल ने भी सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरीफिकेशन कराया है। ड्राइवरों को अच्छी तनख्वाह दी जा रही है। कस्टमर के प्रति उनका व्यवहार क्या हो, इसकी ट्रेनिंग भी दी गई है। यही कारण है कि 3 महीने में अभी तक ड्राइवरों को लेकर कोई भी शिकायत कॉल सेंटर पर नहीं कराई गई है।

जीपीएस ट्रेकिंग पर रहती हैं टैक्सी
यात्री कॉल सेंटर पर टैक्सी बुक करता है, तो उसकी सारी डिटेल कॉलसेंटर के पास रहती है। टैक्सी जीपीएस से कनेक्ट रहती है और वह कहां से कहां जा रही है, इस पर कंट्रोल रूम से लाइव निगाह रखी जाती है। कोई यात्री यदि बीच में से टैक्सी लेता है, तो कंट्रोल रूम पर ये तो पता होता है कि टैक्सी में कोई बैठा है, हालांकि उसकी डिटेल उनके पास नहीं होती। एेसे में बीसीएलएल का कहना है कि वह टैक्सी में बैठते ही ड्राइवर का नाम और टैक्सी नंबर नोट कर लें, जिससे घटनाओं को रोका जा सके।

रेडियो कैब के अलावा शहर में 2009 से मेट्रो टैक्सी भी चल रही है जिसकी संख्या 40 के करीब हैं और नंबर 6555555 है। इसके संचालक ने भी सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरीफिकेशन करा के रखा हुआ है।

अंदर पढ़ें कुछ और महिलाअों के बारे में, वे जब अकेले में यात्रा करती हैं, तो सुरक्षा के लिए क्या तरीका अपनाती हैं...