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दुनिया के सबसे बड़े इज्तिमा में मोबाइल-इंटरनेट पर उठे सवाल, युवाओं के लिए बताया घातक

7 वर्ष पहले
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भोपाल में दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम समागम यानी आलमी तब्लीगी इज्तिमा में युवाओं में इंटरनेट आैर मोबाइल की 'लत' को खतरनाक बताया है।

भोपाल। नवाबी शहर भोपाल में 6-7 और 8 दिसंबर को हुए दुनिया के सबसे बड़े इज्तिमा का सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ समापन हो गया। इसमें करीब 7.50 लाख मुस्लिम धर्मावलंबी शामिल हुए। यहां दिल्ली से आए मौलाना साआद साहब ने मोबाइल और इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग को शिक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि कि युवाओं का ध्यान इंटरनेट और मोबाइल पर ज्यादा हो गया है और तालीम की तरफ से हटता जा रहा है।

घर-घर जाकर कुरआन पढ़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने की अपील...
साआद साहब ने युवकों को सलाह दी कि मोबाइल के बहुत ज्यादा उपयोग से बचा जाए। उन्होंने कहा कि अपने आपको विद्वान न समझें, बल्कि दूसरों से भी सीखने में कोई परहेज न करें। जो खुद को आता है, वो दूसरों को जरूर सिखाएं। सीखने-सिखाने का नाम ही तालीम है। इज्तिमा में देश-विदेश से पहुंचीं जमातों के लोगों से उन्होंने अपील की कि वे घर-घर जाकर लोगों को कुरआन पढ़ने और इस्लाम के उसूलों का पालन करने के लिए कहें।

खाने का इंतजाम तो पशु भी कर लेता है
मौलाना लाड साहब ने कहा कि दुनिया में आए हैं, तो दूसरों की भलाई के काम भी करें। अपने लिए खाने का इंतजाम तो पशु भी कर लेता है, जो दूसरों को खिलाकर खाए वही सच्चा इंसान है।
अमन के लिए एक साथ उठे साढ़े सात लाख लोगों के हाथ
उलेमाओं के बयान के बाद दोपहर 12.30 बजे सामूहिक दुआ की गई। एक साथ साढ़े सात लाख लोगों ने दुआ के लिए हाथ उठाए। जिसमें करीब पचास हजार लोग विदेशी भी थे। लोगों ने दुआ में कहा, हे परवरदीगार हमें नेक रास्ते पर चलने की तोहफीक फरमा। पूरी दुनिया में अमन कायम हो।

अगली स्लाइड में पढ़िये, इज्तिमा स्थल पर कैसे उमड़ी भीड़
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