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इज्तिमा

7 वर्ष पहले
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नवाबी शहर भोपाल में 6-7-8 दिसंबर को दुनियाभर से करीब 7.50 लाख मुस्लिम पहुंचे। इनमें अमीर-गरीब सब शामिल थे। इज्तिमा यानी दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम समागम। पढ़िए कहानी...
भोपाल। राजधानी में तीन दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का सोमवार को दुआ के साथ समापन हो गया। इस साल करीब 7.50 लाख लोगों ने इज्तिमा में हिस्सा लिया। पहले दिन करीब 4.50 लाख और दूसरे दिन करीब 5.50 लाख लोग पहुंचे। भोपाल का इज्तिमा दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम समागम होता है। लाखों लोगों की खाने-पीने, ठहरने, आने-जाने का प्रबंध करना एक बड़ी चुनौती होती है, बावजूद इंतजाम इतने पुख्ता होते हैं कि, किसी को कोई तकलीफ नहीं होती।

पंडाल में ठहरते हैं लाखाें लोग...
इज्तिमा में शामिल होने वाले लोग तीन दिनों तक पंडाल में ही रहते हैं। वहीं सोते हैं और उसी जगह उनके खाने-पीने के लिए होटल की व्यवस्था करवाई जाती है।
ऐसे देते हैं न्यौता
इज्तिमा कमेटी के प्रवक्ता अतिकुर्र रहमान बताते हैं कि दिल्ली स्थित मरकज़ में इज्तिमा की तारीख तय होती है। इसके बाद समाचार पत्र, इंटरनेट और विभिन्न समूहों के जरिये इसकी सूचना देश-विदेश में भी चली जाती है। चूंकि भोपाल का इज्तिमा काफी महत्वूर्ण होता है, इसलिए विदेशी और अन्य प्रदेशों के लोग भी इज्तिमा के बारे में पता करते रहते हैं और नियत तारीख पर आ जाते हैं।

आखिरी दिन करीब 7.50 लोग पहुंचे
इज्तिमा के पहले दिन 4.50 लाख और दूसरे दिन करीब 5.50 लाख लाेग इज्तिमा स्थल पर पहुंचे। वहीं आखिरी दिन 7.30 लाख से ज्यादा लाेग पहुंचे। रहमान के मुताबिक इज्तिमा के आखिरी दिन होने वाली दुआ का सर्वाधिक महत्व होता है, इसलिए भोपाल शहर और आसपास के लोग आखिरी दिन ही ज्यादा आते हैं। इस साल इज्तिमा में विदेश से आई जमातों में 50 हजार से ज्यादा लोग आए थे। इस साल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, तंजानिया, कीनिया, यमन, सिंगापुर, मलेशिया, बेल्जियम, बांग्लादेश, भूटान, इंडोनेशिया, नेपाल सहित कई देशों से जमातें आई थीं।
पट गई थीं सड़कें...
इज्तिमा के आखिरी दिन दुआ में हिस्सा लेने के लिए रविवार देर रात से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह नौ बजे तक इज्तिमा स्थल के अलावा चारों और की सड़कें लोगों से पट गई थीं। बैरसिया राेड पर डीआईजी बंग्ला मार्ग को भीड़ बढ़ने के कारण सुबह नौ बजे ही बंद कर दिया गया था। इस वजह से हजारों लाेग बाईपास और गांव के रास्तों से होकर इज्तिमा स्थल पर पहुंचे। भीड़ इतनी थी कि हजारों लोग इज्तिमा के पंडाल तक भी नहीं पहुंच सके। इन्हें सड़कों और खेतों में खड़े होकर दुआ पढ़ना पढ़ी। दुआ के बाद पहले दो पहिया वाहनों को रवाना किया गया, इसके एक घंटे बाद चार पहिया वाहनों को छोड़ा गया, इसके बावजूद लाखों की भीड़ होने के कारण इज्तिमा स्थल से भोपाल टॉकीज चौराहे तक कई बार ट्रैफिक ठप्प रहा।
अंदर की स्लाइड्स में पढ़िए इज्तिमा की कहानी..
फोटो : एचसी वर्मा